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सीबीआई करना चाहती अपमानित: चिदंबरम

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत देने की गुहाई लगाई। उन्होंने मंगलवार को सर्वोच्च अदालत से कहा कि सीबीआई सिर्फ उनको अपमानित करने के लिए हिरासत में रखना चाहती है। आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद चिदंबरम के वकीलों कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने सर्वोच्च अदालत के सामने चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज करने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाए।

जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री या उनके परिवार के सदस्यों पर ऐसा कोई आरोप नहीं है कि उन्होंने कभी इस मामले के गवाहों को प्रभावित करने या उनसे संपर्क करने का प्रयास किया हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी प्रकार के आर्थिक नुकसान या धन हड़पने जैसा भी कोई आरोप नहीं है।

दोनों वकीलों ने चिदंबरम की जमानत रद्द करने के दिल्ली हाई कोर्ट के 30 सितंबर के फैसले के निष्कर्षों पर भी सवाल उठाए और कहा कि जमानत याचिका पर फैसला करते समय उसे मामले के गुण दोषों में नहीं जाना चाहिए था। अदालत ने कहा कि वह बुधवार को सीबीआई की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनेगा। गौरतलब है कि चिदंबरम ने जमानत याचिका खारिज करने के हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।

चिदंबरम ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें लगातार जेल में बंद रखना सजा के रूप में है और अज्ञात व अपुष्ट आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को उसकी स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता है। सीबीआई ने चिदंबरम को जमानत देने से इनकार करने के हाई कोर्ट के उन निष्कर्षो को सोमवार को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि चिदंबरम के भागने का खतरा नहीं है और वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते।

सीबीआई ने 21 अगस्त को चिदंबरम को गिरफ्तार किया था और इस समय वे 17 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेश से 305 करोड़ रुपए के निवेश की विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड की मंजूरी में कथित गड़बड़ियों के संबंध में 15 मई, 2017 को एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद, ईडी ने 2017 में ही धन शोधन का मामला दर्ज किया था।

ईडी को चिदंबरम से पूछताछ की मंजूरी

आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम से प्रवर्तन निदेशालय, ईडी को पूछताछ करने की इजाजत दे दी है। सीबीआई के बाद अब ईडी उनसे पूछताछ करेगी। विशेष अदालत के जज अजय कुमार कुहाड़ ने ईडी की चिदंबरम से पूछताछ की अर्जी को कबूल कर लिया। चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था।

विशेष जज कुहाड़ ने कहा कि ईडी चिदंबरम से बुधवार को तिहाड़ जेल में पूछताछ कर सकती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। अदालत ने कहा कि ईडी की रिमांड का आवेदन इस समय थोड़ा जल्दबाजी वाला है। अदालत के आदेश के बाद ईडी ने चिदंबरम से राउज एवेन्यू अदालत परिसर में उपलब्ध किसी जगह पर पूछताछ की अनुमति मांगी। हालांकि अदालत ने कहा- यह इस व्यक्ति के सम्मान के लिहाज से ठीक नही है कि आप उनसे पूछताछ करें और यहां सार्वजनिक रूप से गिरफ्तार करें।

अदालत ने ईडी को बुधवार को तिहाड़ जेल जाने और चिदंबरम से पूछताछ की अनुमति दे दी, जहां कांग्रेस नेता को रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार करने की भी अनुमति एजेंसी को दे दी गई।

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