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जामिया से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन

नई दिल्ली। नागरिकता कानून में बदलाव के खिलाफ असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में चल रहा आंदोलन राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंच गया है। रविवार को लगातार तीसरा दिन दिल्ली के अलग अलग हिस्सों में इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। शनिवार की तरह जामिया मिलिया के इलाके में रविवार को उग्र प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सराय जुलैना के इलाके में तीन बसों को आग लगा दी। इस हंगामे की वजह से आसपास की कई सड़कों को बंद करना पड़ा। चार मेट्रो स्टेशनों पर भी आवाजाही बंद रही।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों और स्थानीय लोगों ने रविवार को जामिया नगर में उग्र प्रदर्शन किया। दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन की वजह से ओखला अंडरपास से सरिता विहार तक के रास्ते को बंद किया गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़क हुई थी। रविवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। रविवार को प्रदर्शनकारियों ने हिंसा की और सराय जुलैना में तीन बसों में आग लगा दी। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची लेकिन प्रदर्शनकारियों ने दमकल की एक गाड़ी में भी तोड़फोड़ की, जिसमें एक फायरमैन को चोट लगी है।

पूर्वोत्तर के छात्रों ने नागरिकता संशोधन कानून, सीएए को संविधान विरोधी और पूर्वोत्तर के मूल लोगों के लिए खतरा बताते हुए रविवार को जंतर मंतर पर दर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि यह कानून 1985 की असम संधि की भावना के खिलाफ है। छात्रों का कहना था- हम सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं क्योंकि यह क्षेत्र में मूल पहचान पर खतरा है। हम केंद्र से इसे निरस्त करने, इंटरनेट पर पाबंदी हटाने और पुलिस बर्बरता को रोकने की भी मांग करते हैं।

पूर्वोत्तर के प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य दशकों से अवैध प्रवासी की समस्या से जूझ रहे हैं। उनका कहना थ कि नागरिकता संशोधन कानून से अवैध प्रवासियों को वैधता मिलेगी, जिससे क्षेत्र की संस्कृति, भाषा सबके लिए संकट होगा। छात्रों ने कहा- हमने 1971 तक अवैध प्रवासन को स्वीकार कर ही लिया। अब हम और इसे बरदाश्त नहीं कर सकते, हम सीमित संसाधन वाले गरीब राज्य हैं। यह कानून असमिया लोगों की पहचान पर खतरा उत्पन्न करता है और उन्हें अल्पसंख्यक बना देने का डर पैदा करता है।

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