कन्हैया पर चलेगा देशद्रोह का मुकदमा - Naya India
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कन्हैया पर चलेगा देशद्रोह का मुकदमा

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू में कश्मीर को लेकर हुई कथित नारेबाजी की घटना के चार साल के बाद आखिरकार उस समय के जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष और दूसरे  छात्र नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलने का रास्ता साफ हो गया है। सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार और दूसरे लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है।

इस मामले की फाइल काफी वक्त से दिल्ली सरकार के पास लटकी थी। दिल्ली सरकार ने देश विरोधी नारे लगाने के मामले में कन्हैया के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी दी है। फरवरी 2016 में दिल्ली के जेएनयू में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जनवरी 2019 में आरोपपत्र दाखिल की थी।

भाजपा ने इसे चुनाव में मुद्दा भी बनाया था और दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया था कि वह जान बूझकर इसकी मंजूरी में देरी कर रही है। बहरहाल, दिल्ली सरकार ने मुकदमा चलाने के लिए विशेष शाखा को मंजूरी दे दी है। कन्हैया के अलावा उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, आकिब हुसैन, मुजीब, उमर गुल, बशरत अली और खालिद बसीर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा। मंजूरी की फाइल जल्दी ही अदालत को सौंप दी जाएगी।

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By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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