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पुलिस के निशाने पर छात्र नेता

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू में पांच जनवरी को हुई हिंसा में शामिल नकाबपोश गुंडों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय छह दिन की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने हिंसा में शामिल नौ लोगों को पहचानने का दावा किया है, जिसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल हैं, जिनको हिंसा में सबसे ज्यादा चोटें आई हैं। सोशल मीडिया में चल रहे प्रचार की लाइन पर आगे बढ़ते हुए दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि चार लेफ्ट संगठन हिंसा में शामिल हैं।

इस घटना की जांच के लिए बनी दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने शुक्रवार को अपनी जांच के बारे में मीडिया को बताया। डीसीपी जॉय तिर्की ने कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष सहित नौ सदस्यों की पहचान कर ली गई है। हालांकि अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा- जल्दी ही इन लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया। डीसीपी तिर्की ने कहा- जेएनयू में लेफ्ट से जुड़े चार संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग नियम तोड़ रहे और असुविधा पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने कहा- स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन, डेमोक्रेटिक स्टूडेंट फेडरेशन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। तिर्की ने कहा- यह बेहद संवेदनशील मामला है इसलिए जांच के दौरान ही हमने मीडिया ब्रीफिंग का फैसला किया। मीडिया पांच तारीख की शाम की घटना को कवर कर रहा है। इससे पहले भी मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं। चार छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग किसी को रजिस्ट्रेशन नहीं कराने दे रहे थे। उन्होंने बताया- प्रदर्शनकारी किसी को भी रजिस्ट्रेशन नहीं करने दे रहे थे। अगर कोई कोशिश करता था तो उसे डरा धमका रहे थे। इन प्रदर्शनकारियों ने तीन और चार जनवरी को रजिस्ट्रेशन ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ की और सर्वर रूम को तबाह किया। इन लोगों ने स्टाफ के साथ भी मारपीट की।

तिर्की ने कहा- पांच तारीख की शाम को टी प्वाइंट पर शिक्षकों और छात्रों के बीच शांतिवार्ता चल रही थी और इसी दौरान एक गुट आया। ये नकाबपोश थे और इनके हाथों में डंडे थे। इन लोगों ने साबरमती हॉस्टल में घुसकर मारपीट की। कुछ खास कमरों में ही ये लोग घुसे। उन्होंने कहा- जांच के लिए कैंपस में रहने वाले लोगों से भी बातचीत की जा रही है। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि कौन अंदर का आदमी है और कौन बाहर का है। कुछ वॉट्सऐप ग्रुप भी घटना के दिन ही बनाए गए। हम लोग सीसीटीवी फुटेज हासिल करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हम उन्हें हासिल नहीं कर पाए।

पुलिस ने जिन लोगों की पहचान की है उसमें आइशी घोष सहित चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, भास्कर, सुचेता, प्रिया रंजन, सामंत, योगेंद्र भारद्वाज, विकास पटेल शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया- अभी किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। इन लोगों को नोटिस भेजने जा रहा हूं। मैं इनसे पूछताछ करूंगा।

आइशी ने सबूत होने का दावा किया

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस के बाद कहा कि उनके पास भी सबूत हैं। उन्होंने कहा- दिल्ली पुलिस अपनी जांच कर सकती है। मेरे पास भी सबूत हैं, जिनसे जाहिर हो जाएगा कि मुझ पर किस तरह हमला किया गया। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके पास किस तरह का सबूत है।

आइशी ने आगे कहा- मेरा देश के कानून और व्यवस्था में पूरा विश्वास है। मैं जानती हूं कि जांच निष्पक्ष होगी। मुझे न्याम मिलेगा, लेकिन दिल्ली पुलिस पक्षपात क्यों कर रही है? मेरी शिकायत पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। मैंने किसी पर कोई हमला नहीं किया। उन्होंने कहा- हमने कुछ गलत नहीं किया है। हम दिल्ली पुलिस से डरने वाले नहीं। हम कानून व्यवस्था के साथ खड़े रहेंगे और अपना अभियान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाएंगे।

वीसी जगदीश कुमार ने दी सफाई

छात्रों के साथ टकराव और मारपीट की घटनाओं को लेकर विवाद बढ़ने के बाद जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने शुक्रवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि छात्रावास शुल्क के बारे में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, एचआरडी की तरफ से किए गए पहले के सभी फैसलों को पूरी तरह से लागू किया गया है।

एमएचआरडी मंत्रालय और विश्वविद्यालय प्रशासन की पांच सदस्यीय टीम के बीच बैठक के बाद उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन जरूरत पड़ने पर एक बार फिर सेमेस्टर पंजीकरण प्रक्रिया की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा सकता है। इस टीम में जगदीश कुमार भी शामिल थे। यह आपात बैठक परिसर में जारी स्थिति पर चर्चा करने और छात्रों व प्रशासन के बीच मौजूदा गतिरोध को सुलझाने के लिए बुलाई गई थी।

जेएनयू के रजिस्ट्रार और तीन रेक्टर भी इस टीम का हिस्सा थे। जेएनयू के वीसी जगदीश कुमार ने कहा- हजारों छात्र विंटर सेमेस्टर परीक्षा के लिए रिजस्ट्रेशन करवा रहे हैं। हम छात्रों की मदद के लिए हर कदम उठा रहे हैं। अब कोई भी सर्विस और यूटिलिटी चार्ज नहीं लिया जाएगा। छात्रों को केवल कमरे का किराया देना होगा, जो कि तीन सौ रुपए है। जो पैसा छात्रों से लिया जा रहा है, उसका इस्तेमाल उन्हीं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा।

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