येदियुरप्पा सरकार का विस्तार छह फरवरी को

बेंगलुरू। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में भले फेरबदल टल गई है पर कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की सरकार में विस्तार का ऐलान हो गया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद येदियुरप्पा ने रविवार को बताया कि वे छह फरवरी को अपनी सरकार का विस्तार करेंगे। उनकी सरकार में 13 नए मंत्री बनाए जाएंगे, जिनमें कांग्रेस और जेडीएस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए और उपचुनाव में जीते दस विधायक भी मंत्री बनेंगे।

ये दस विधायक एचडी कुमारस्वामी सरकार के दौरान कांग्रेस और जेडीएस में थे, जिन्हें स्पीकर ने अयोग्य करार दे दिया था। बाद में इन्होंने भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ा था। इनके अलावा सत्तारूढ़ भाजपा के तीन विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस विस्तार के बाद कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 31 होगी। गौरतलब है कि कर्नाटक में दो महीने पहले दिसंबर में 15 सीटों पर उपचुनाव हुए थे। तब भाजपा ने 12 सीटें जीती थीं।

येदियुरप्पा ने सभी नए विधायकों को मंत्री बनाने का वादा किया था। कांग्रेस-जेडीएस के 17 विधायकों ने कुमारस्वामी सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले इस्तीफा दे दिया था। तब स्पीकर रमेश कुमार ने इस्तीफा स्वीकार न करते हुए सभी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। इनमें से 15 विधायक नवंबर, 2019 में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उपचुनाव में 13 को प्रत्याशी बनाया, इनमें से 11 को जीत मिली थी।

उपचुनाव जीतने वाले विधायक रमेश जारकिहोली, एसटी सोमशेखर, बी बासवराज, के सुधाकर, शिवराम हेब्बर, श्रीमंत पाटिल, बीसी पाटिल, अनंत सिंह, के गोपालैया और केसी नारायण गौड़ा मंत्री बनेंगे। महेश कुमाथल्ली को दिल्ली में सरकार का विशेष प्रतिनिधि बनाया जाएगा। भाजपा के तीन विधायकों- अरविंद लिंबावली, सीपी योगेश्वरा और उमेश कट्टी को भी मंत्री बनाया जाएगा। इसके अलावा विधायक आर शंकर को बाद में कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। अयोग्य ठहराए जाने के बाद येदियुरप्पा ने शंकर से एमएलसी और मंत्री बनाने का वादा किया था।

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