मोदी से मिले उद्धव ठाकरे

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में अपनी सहयोगी पार्टियों एनसीपी और कांग्रेस के साथ चल रही तनातनी के बीच शिव सेना अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनके बेटे और राज्य सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे भी उनके साथ थे। प्रधानमंत्री से मिलने के बाद उद्धव ठाकरे ने संशोधित नागरिकता कानून, सीएए और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, एनपीआर पर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि किसी को सीएए और एनपीआर से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनको भरोसा दिया है कि एनआरसी पूरे देश में लागू नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दौरे पर पहुंचे उद्धव ठाकरे ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात की। वे अपनी सहयोगी कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिले। एक दिन की इस यात्रा के दौरान उद्धव और आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। गौरतलब है कि सीएए और एनपीआर के मुद्दे पर शिव सेना का अपनी दोनों सहयोगी पार्टियों एनसीपी और कांग्रेस से विरोध है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने सीएए का बचाव किया। उन्होंने कहा- सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर हमारी कांग्रेस से बातचीत चल रही है। इसलिए महाराष्ट्र में शांति है। उन्होंने कहा- हमारी प्रधानमंत्री से सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर चर्चा हुई। सीएए को लेकर किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है। सीएए का कानून, पड़ोसी देश में जो अल्पसंख्यक हैं, उन्हें नागरिकता देने का कानून है। ऐसे में हमारे यहां के लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं है।

शाहीन बाग के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने कहा- कुछ लोग भड़काने का काम कर रहे हैं। हालांकि बार-बार कांग्रेस का नाम पत्रकारों की ओर से लेने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस को लेकर कुछ भी नहीं कहा। सिर्फ इतना कहा कि आप लोग दिल्ली में रहते हैं और इसको ज्यादा जानते होंगे कि कौन उन्हें भड़का रहा है। एनपीआर का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा- एनपीआर तो जनगणना की प्रक्रिया है। उसे सिर्फ आगे बढ़ाया है। इसके अलावा हमारी राज्य के विकास को लेकर प्रधानमंत्री से कई मुद्दों पर बातचीत हुई। एनपीआर में भी अगर हम देखेंगे कि कुछ चीजें गलत हैं तो आगे उस पर फैसला लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के एजेंडे के बारे में बताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा- मोदी जी से जीएसटी के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। जीएसटी का पैसा आ तो रहा है लेकिन जिस तेजी से आना चाहिए वह नहीं आ रहा है। गौरतलब है कि सरकार की दोनों सहयोगी पार्टियों, एनसीपी और कांग्रेस के साथ सीएए व एनपीआर पर और साथ ही भीमा कोरेगांव हिंसा का मामला एनआईए को सौंपे जाने के मसले पर शिव सेना के साथ टकराव चल रहा है।

कांग्रेस ने शिव सेना से कहा रुख साफ करे

कांग्रेस पार्टी ने संशोधित नागरिकता कानून, सीएए और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, एनपीआर को लेकर अपनी सहयोगी शिव सेना को निशाना बनाया है। पार्टी ने शिव सेना से कहा है कि वह सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर अपना रुख साफ करे। गौरतलब है कि कांग्रेस और एनसीपी ने सीएए, एनपीआर और एनआरसी का विरोध किया है। जबकि शिव सेना को सीएए और एनपीआर में कोई समस्या नजर नहीं आ रही है। हां, एनआरसी का उसने भी विरोध किया है।

महाराष्ट्र सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा है कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर शिव सेना का रुख साफ नहीं है। उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे को महाराष्ट्र कोऑर्डिनेशन कमेटी के पास भेजा जाएगा। अशोक चव्हाण ने कहा- महाराष्ट्र में तीन दलों का गठबंधन है। कांग्रेस सीएए, एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। ये देशहित में नहीं है।

उन्होंने कहा- ऐसा लगता है कि इन तीनों को लेकर अभी भी शिव सेना का रुख साफ नहीं है। अगर इसमें कोई विवाद है तो महाराष्ट्र कोऑर्डिनेशन कमेटी, जिसमें तीनों पार्टियों के नेता हैं, इस पर चर्चा करेगी और मसले को हल करेगी। हाल ही में अशोक चव्हाण ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।

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