सावरकर पर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के चुनाव से पहले भाजपा ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के नाम का मुद्दा बना दिया है। भाजपा ने पहले अपने घोषणापत्र में सावरकर को भारत रत्न देने का वादा किया और उसके बाद विपक्ष के बयानों से राजनीति शुरू हो गई। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इंदिरा गांधी के एक भाषण का एक पत्र ट्विट किया, जिसमें उन्होंने सावरकर की तारीफ की थी। उधर वाराणसी की एक सभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर सावरकर नहीं होते तो 1857 की लड़ाई इतिहास में दर्ज नहीं हो पाती।

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था- इंदिरा गांधी सावरकर जी का सम्मान करती थीं। उन्होंने तो सावरकर जी के सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया था। हम सावरकर के खिलाफ नहीं हैं। वे जीवन भर जिस हिंदुत्ववादी विचार का समर्थन करते रहे, हम उसके खिलाफ हैं। हालांकि कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने सावरकर के ऊपर जोरदार हमला किया और उनको महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल बताया।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा था कि सावरकर के जीवन के दो पहलू थे। पहला- आजादी के आंदोलन में शामिल होना और दूसरा- माफी मांगकर वापस आने पर उनका नाम महात्मा गांधी की हत्या के साजिशकर्ताओं में दर्ज होना।  कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी केंद्र पर निशाना साधा और तंज किया कि मोदी सरकार भारत रत्न सावरकर को नहीं, बल्कि गोडसे को दे। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी नेल भी कहा था कि भारत रत्न दिए जाने में अगला नंबर गोडसे का ही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares