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शिव सेना का खरीद फरोख्त का आरोप

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच शिव सेना ने भाजपा पर एक बार फिर निशाना साधा है। शिव सेना ने भाजपा के ऊपर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है। भाजपा की पुरानी सहयोगी शिव सेना ने अपने मुखपत्र सामना में भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा है- राज्य में नए समीकरण बनता देख कई लोगों के पेट में दर्द शुरू हो गया है।

सामना में भाजपा को निशाना बनाते हुए लिखा गया है- ऐसे श्राप भी दिए जा रहे हैं कि अगर सरकार बन भी गई तो कैसे और कितने दिन टिकेगी, देखते हैं। कहा जा रहा है कि सरकार छह महीने से ज्यादा नहीं टिकेगी। हम महाराष्ट्र के मालिक हैं और देश के बाप हैं, अगर ऐसा किसी को लगता है तो वह इस मानसिकता से बाहर आ जाए। ये मानसिक अवस्था ‘105 वालों’ के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा को 105 सीटें मिली हैं।

शिव सेना ने भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा है- 105 वाले जो लोग ऐसा कह रहे हैं कि अब भाजपा की सरकार आएगी, वो पहले ही राज्यपाल से मिल कर साफ कह चुके हैं कि हमारे पास बहुमत नहीं है और सरकार बनाने में असमर्थ हैं। अब वहीं लोग राष्ट्रपति शासन लगते ही ‘अब सिर्फ हमारी सरकार है’, यह किस मुंह से कह रहे हैं? पहले जो बहुमत उनके पास पहले नहीं था अब वो बहुमत राष्ट्रपति शासन के सिलबट्टे से कैसे बाहर निकलेगा?

भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाते हुए शिव सेना ने कहा है- हम लोकतंत्र और नैतिकता का खून करके ‘आंकड़ा’ जोड़ सकते हैं, ऐसी भाषा महाराष्ट्र की परंपरा को शोभा नहीं देती। राज्य में राष्ट्रपति शासन की आड़ में घोड़ा बाजार लगाने का मंसूबा अब साफ हो गया है। शिवसेना ने कहा है- नितिन गडकरी कहते हैं कि क्रिकेट में आखिर समय तक कुछ भी हो सकता है। आजकल क्रिकेट खेल कम और धंधा ज्यादा बन गया है। क्रिकेट के खेल में भी राजनीति की तरह घोड़ा बाजार शुरू है। राजनीति में सट्टा बाजार का जोर है। ऐसे ही क्रिकेट में भी शुरू हो जाने से ‘जोड़-तोड़’ और ‘फिक्सिंग’ का वो खेल मैदान में शुरू हो गया है। इसलिए वहां खेल की जीत होती है या फिक्सिंग जीतती है इसे लेकर संशय रहता ही है। इसलिए गडकरी द्वारा महाराष्ट्र के राजनीतिक खेल को क्रिकेट का रोमांचक खेल की उपाधि देना ठीक ही है।

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