मोदी ने गुजरात में नई मेट्रो परियोजनाओं की शुरूआत की - Naya India
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मोदी ने गुजरात में नई मेट्रो परियोजनाओं की शुरूआत की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अहमदाबाद और सूरत में नई मेट्रो परियोजनाओं की शुरूआत की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अहमदाबाद और सूरत को आज बहुत बड़ा उपहार मिल रहा है। मेट्रो इन दोनों शहरों में कनेक्टिविटी को और मजबूती देने का काम करेगी। केवड़िया के लिए भी नए मार्ग और नई ट्रेनों की शुरूआत हुई है।

अहमदाबाद से आधुनिक जनशताब्दी एक्सप्रेस अब केवड़िया तक जाएगी। पीएम मोदी ने कहा, इस शुभारंभ के लिए मैं गुजरात के लोगों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आज 17 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का इंफ्रास्ट्रक्च र काम शुरू हो रहा है। यह दिखाता है कि कोरोना काल में भी नए इंफ्रास्ट्रक्च र के निर्माण को लेकर देश के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं।

बीते कुछ दिनों में ही देशभर में हजारों करोड़ रुपए के इन्फ्राट्रक्च र प्रोजेक्ट का या तो लोकार्पण किया गया है या फिर नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अहमदाबाद और सूरत दोनों गुजरात की और भारत की आत्मनिर्भरता को सशक्त करने वाले शहर हैं। मुझे याद है जब अहमदाबाद में मेट्रो की शुरूआत हुई थी कितना अद्भुत पल था।

लोग छतों पर खड़े थे, लोगों के चेहरों पर जो खुशी थी वह शायद ही कोई भूल पाएगा। अहमदाबाद के सपनों ने, यहां की पहचान ने कैसे खुद को मेट्रो से जोड़ लिया है। अब आज से अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण पर काम शुरू हो रहा है। मेट्रो के इन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि है यह आने वाले वर्षों की जरूरतों का आकलन करते हुए बनाए जा रहे हैं।

यानी जो आज इन्वेस्टमेंट हो रहा है उससे इन शहरों को आने वाले कई सालों तक बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 2014 से पहले सिर्फ सवा 200 किलोमीटर मेट्रो लाइन ऑपरेशनल थी। वहीं अब बीते कुछ वर्षों में 450 किलोमीटर से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है। इस समय देश के 27 शहरों में 1 हजार किलोमीटर से ज्यादा के मेट्रो नेटवर्क पर काम चल रहा है।

एक समय था जब हमारे देश में मेट्रो के निर्माण को लेकर कोई आधुनिक सोच नहीं थी। देश की कोई मेट्रो पॉलिसी भी नहीं थी। नतीजा यह हुआ कि अलग-अलग शहरों में अलग-अलग तरह की मेट्रो, अलग-अलग तकनीक और व्यवस्था वाली मेट्रो बनने लगी। दूसरी दिक्कत यह थी कि शहर के बाकी ट्रांसपोर्ट सिस्टम का मेट्रो के साथ कोई तालमेल नहीं था। अब हम शहरों के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को एक इंटीग्रेटेड सिस्टम के तौर पर विकसित कर रहे हैं।

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