कोरोनाः मोदी ने वेल्जियम दौरा टाला

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यूरोपीय संघ की यात्रा कोरोना महामारी की शिकार हो गयी है लेकिन वह बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्मशती समारोह में शामिल होने बंगलादेश अवश्य जाएंगे। दूसरी ओर पोत परिवहन मंत्रालय ने खुलासा किया कि चीन या कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से आए 452 जहाजों के 16,076 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को भारतीय बंदरगाहों पर उतरने की अनुमति नहीं दी गयी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को यहां नियमित ब्रीफिंग में कहा कि भारत एवं यूरोपीय संघ शिखर बैठक के बारे में दोनों पक्षों ने माना है कि स्वास्थ्य मामलों पर विभिन्न संगठनों ने यात्राओं पर रोक लगाने की बात कही है, इसलिए अच्छा होगा कि शिखर बैठक के कार्यक्रम को किसी अन्य तिथि के लिए स्थगित कर दिया जाए। कुमार ने कहा कि यह निर्णय भारत एवं यूरोपीय संघ के बीच घनिष्ठ संबंधों एवं निकट सहयोग की भावना के आधार पर लिया गया है और दोनों पक्ष कोरोना महामारी के फैलने से वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में व्याप्त चिंताओं को साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रधानमंत्री मोदी को व्यक्तिगत रूप से बंगबंधु की जन्मशती कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए निमंत्रित किया था जिसे मोदी ने स्वीकार किया था। मोदी इस कार्यक्रम में अवश्य शरीक होंगे। इस यात्रा में द्विपक्षीय तत्त्व भी होंगे लेकिन इस बारे में जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी। प्रधानमंत्री की प्रस्तावित मिस्र की यात्रा के बारे में एक सवाल के जवाब में कुमार ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच यात्रा की तारीखों को लेकर राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत चल रही है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि तयशुदा जगहों पर ठहरे 452 जहाजों के इन यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को बुखार या किसी भी तरह के लक्षण के मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देश के तहत हर संभव सहायता दी जा रही है। अधिकारी ने बताया कि आयात-निर्यात वाले माल के साथ 452 जहाज और चीन या कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की पूर्व में यात्रा कर चुके 16,076 चालक दल के सदस्य और यात्री अब तक भारतीय बंदरगाहों पर आए हैं।

दिल्ली के प्राथमिक स्कूल बंद

दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के फैलने की संभावनाओं के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाते हुए गुरुवार को राजधानी के सभी प्राथमिक स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने का फैसला किया। उप मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने आज ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के मद्देनजर एहतियात के तौर पर सरकार, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी, दिल्ली नगर निगमों और नयी दिल्ली नगर पालिका के सभी प्राथमिक स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने के निर्देश दिये हैं। इससे पहले चीन के बाद देश में तेजी से पैर पसार रहे कोरोना वायरस को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राजधानी में बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार ने नगर निगमों, स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों और अस्पतालों के अधिकारियों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आज यहां परामर्श जारी कर यह निर्देश दिया। बायोमेट्रिक हाजिरी के लिए आंखों और हाथों का उपयोग होता है जिससे इस वायरस के फैलने का शक है। भारत में अब तक कोरोना वायरस के 29 मामले सामने आ चुके हैं।

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