12 पार्टियों के नौ सुझाव, मोदी को लिखी चिट्ठी

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में देश भर में तेजी से फैल रही महामारी के बीच देश की 12 विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है और महामारी का मुकाबला करने के लिए नौ सुझाव दिए हैं। विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वे देश के सभी नागरिकों के लिए तत्काल मुफ्त में वैक्सीनेशन शुरू करें। विपक्षी पार्टियों ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने विपक्ष की अनदेखी की और अगर उसने विपक्ष की सलाह मानी होती तो आज देश में हालात इतने खराब नहीं होते।

विपक्षी पार्टियों ने अपनी चिट्ठी की शुरुआत में ही केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने विपक्षी पार्टियों और उसके नेताओं की सलाह को नजरअंदाज किया। महामारी से मुकाबले का सुझाव देते हुए विपक्षी पार्टियों ने सेंट्रल विस्टा का काम रोकने का भी सुझाव दिया और साथ ही गरीबों को हर महीने छह हजार रुपए देने की जरूरत भी समझाई है। चिट्ठी लिखने वाले नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम इसमें शामिल है।

इनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, सपा नेता अखिलेश यादव, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, राजद नेता तेजस्वी यादव, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और सीपीएम के डी राजा के नाम भी इसमें शामिल हैं। इन नेताओं ने चिट्ठी में लिखा है- हमने पहले भी व्यक्तिगत तौर पर और संयुक्त रूप से बार-बार आपका ध्यान इस ओर दिलाया है कि केंद्र सरकार को तुरंत कुछ कदम उठाने की जरूरत है। अफसोस की बात है कि आपकी सरकार ने या तो हमारे सभी सुझावों को नजरअंदाज कर दिया या उन्हें नकार दिया। इससे हालात बिगड़ कर इस भयानक मानव त्रासदी तक पहुंच गए हैं।

विपक्षी नेताओं ने लिखा है कि अब पीछे की बातों पर विचार से बेहतर है कि सरकार तत्काल कुछ सुझावों पर युद्धस्तर पर अमल करे। इसके बाद विपक्ष ने अपने नौ सुझाव दिए हैं। पहला सुझाव यह है कि वैक्सीन की केंद्रीकृत खरीद हो और देश में मिले या दुनिया में कहीं मिले, वहां से खरीदा जाए। दूसरा सुझाव तत्काल मुफ्त वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने का है। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने के लिए लाइसेंसिंग के कदम उठाने, बजट में दिए गए 35 हजार करोड़ रुपए वैक्सीन पर खर्च करने, सेंट्रल विस्टा का निर्माण तुरंत रोकने और इस पर खर्च होने वाली रकम ऑक्सीजन और टीके खरीदने में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।

विपक्ष ने पीएम केयर्स फंड जमा पैसा ज्यादा टीके, ऑक्सीजन और मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए जारी करने का सुझाव दिया है। साथ ही बेरोजगारों को हर महीने छह हजार रुपए देने, केंद्र सरकार के गोदामों में सड़ रहे एक करोड़ टन से ज्यादा अनाज जरूरतमंदों में मुफ्त बांटने और कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने का सुझाव भी दिया है।

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