नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी का गठबंधन

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पीडीपी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के जेल से रिहा होते ही राज्य की तीन बड़ी और भाजपा विरोधी पार्टियों ने गठबंधन का ऐलान किया है। गुरुवार को नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं की एक बैठक पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के गुपकर रोड स्थित आवास पर हुई। इस बैठक में गुपकर घोषणा का ऐलान किया गया, जिसमें कहा गया है कि इस गठबंधन का मकसद जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 की वापस बहाली कराना है।

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को अपने गुपकर रोड स्थित आवास पर गुपकर घोषणा का मकसद बताया। उन्होंने पीडीपी, कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन की घोषणा के बाद कहा कि गठबंधन का मकसद जम्मू कश्मीर में पांच अगस्त 2019 से पहले की स्थिति बहाल करना है यानी अनुच्छेद 370 की वापसी। पिछले साल पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, सीपीएम, जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस और पैंथर्स पार्टी सहित कई पार्टियों ने गुपकर घोषणा पर दस्तखत किए थे। ये घोषणा विशेष दर्जा वापस दिए जाने और राज्य का संविधान लागू किए जाने के लिए हुआ था।

बहरहाल, फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा- हमने इस एलायंस का नाम पीपुल्स एलायंस रखा है। कानूनी दायरे में रह कर ये गठबंधन जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा वापस दिए जाने की संवैधानिक लड़ाई लड़ेगा। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार हमारी जनता को वो अधिकार वापस करे, जो पांच अगस्त 2019 से पहले मिले हुए थे। माना जा रहा है कि जम्मू कश्मीर में अगर चुनाव का ऐलान होता है तो ये सभी पार्टियां मिल कर चुनाव लड़ेंगी। इससे पहले नवंबर 2018 में विधानसभा भंग होने से ठीक पहले पीडीपी की अगुआई में गठबंधन बना था। इसमें नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस भी शामिल थे। इस गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा भी पेश किया था पर राजभवन में कथित रूप से फैक्स मशीन खराब होने की वजह से इनका दावा राजभवन को नहीं मिल सका था।

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