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50 एनसीपी विधायकों ने अजित को हटाया

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर रोमांचक दौर में पहुंच गई है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने शनिवार की शाम को अपनी ताकत दिखाई। उन्होंने अपने भतीजे अजित पवार की बगावत को बेअसर करने के लिए पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई और अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया। मुंबई के वाईवी चव्हाण सेंटर में बुलाई गई इस बैठक में एनसीपी के 54 में से 50 विधायक पहुंचे। अजित पवार और उनके साथी तीन विधायक ही इस बैठक में शामिल नहीं हुए। यहां तक की धनंजय मुंडे भी इस बैठक में शामिल हुए, जिनके घर पर शनिवार की सुबह अजित पवार ने बैठक की थी।

शरद पवार ने इस बैठक में अजित पवार को पार्टी के विधायक दल के नेता पद से भी हटा दिया। एनसीपी ने जयंत पाटिल को नया नेता चुना है। बहरहाल, एनसीपी के विधायकों को पहले खबर आई थी कि नौ बागी विधायक दिल्‍ली जा रहे हैं लेकिन बाद में उनमें से दो शरद पवार के पास लौट आए। बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता अजित पवार को भी मना रहे हैं। वे अपने भाई के घर पर थे। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मिल कर कहा कि वे उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर लौट आएं, शरद पवार उनको पार्टी में रखने को तैयार हैं।

उसके बाद सात विधायकों के प्राइवेट चार्टर्ड प्‍लेन से दिल्‍ली जाने की खबर आई। लेकिन धनंजय मुंडे, जो सुबह तक अजित पवार के साथ थे, वो भी बाद में बैठक के लिए पहुंच गए, जहां तालियां बजा कर उनका स्‍वागत किया गया। बैठक खत्म होने तक खबर अजित पवार सहित सिर्फ चार विधायक पार्टी की विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे हैं और उन पर दलबदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।

 

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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