नई शिक्षा नीति की मोदी ने की तारीफ

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति की जम कर तारीफ की है। उन्होंने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि नई शिक्षा नीति में इस बात पर जोर दिया गया है कि युवाओं को नौकरी मांगने वाला बनने की बजाय नौकरी देने वाला बनाया जाए। उन्होंने नई शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में शिक्षा देने की घोषणा की खासतौर से तारीफ की और इस बात का भी जिक्र किया कि इसमें छात्रों को एक साथ कई विषय पढ़ने की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी प्रतिभा का कई तरह से विकास होगा। प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति को भीमराव अंबेडकर को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन के  फाइनल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि नई शिक्षा नीति सच्चे अर्थ में पूरे भारत के सपने को अपने में समेटे हुए है। इसमें हर क्षेत्र और राज्य के विद्वानों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ पॉलिसी डॉक्यूमेंट नहीं है, बल्कि यह 130 करोड़ भारतीय की उम्मीदों का रिफ्लेक्शन भी है।

मोदी ने कहा- आज भी अनेक बच्चों को लगता है कि उन्हें एक ऐसे विषय के आधार पर जज किया जाता है, जिनमें उनका इंटरेस्ट ही नहीं है। उन्हें मां बाप और समाज के चुने गए विषय को लेकर पढ़ना होता है। इसका असर उसकी पूरी जिंदगी के जर्नी पर पड़ता है। नई शिक्षा नीति में इसे बदलने का काम किया जा रहा है। पहले की कमियों को बदलने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा- हमारे संविधान के मुख्य शिल्पी, हमारे देश के महान शिक्षाविद् डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर कहते थे कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो सभी के लिए सुलभ है। यह नीति उनको समर्पित है।

नई शिक्षा नीति की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा- यह हमारे नजरिए में बदलाव लाने की कोशिश है। हमारा फोकस एक ऐसे आत्मनिर्भर युवा का निर्माण करना है जो यह फैसला ले सके कि उसे जॉब करनी है या आंत्रप्रेन्योर बनना है। हमारी भारतीय भाषाओं में कितनी रचनाएं हैं। कितना ज्ञान है। इन सबका और विस्तार होगा।

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