उप सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्ष के विरोध के बीच दो विवादित कृषि विधेयक ध्वनि मत से पास कराए जाने के बाद विपक्षी पार्टियों ने सदन के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि उप सभापति ने सदन को नियमों के हिसाब से नहीं चलाया है। अविश्वास प्रस्ताव पर करीब एक सौ सांसदों ने दस्तखत किए हैं। बाद में देर शाम उप सभापति के आवास पर एक अहम बैठक हुई, जिसमें इस पर विचार किया गया।

इससे पहले कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा कि राज्यसभा के उप सभापति को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय, उनके रवैये ने आज लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया है। जो विधेयक पास कराए गए उनमें फार्मर्स एंड प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) बिल 2020 और फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस बिल 2020 शामिल हैं।

इन पर वोटिंग के दौरान विपक्षी सांसदों ने वेल में जाकर जम कर नारेबाजी की। तृणमूल सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने उप सभापति हरिवंश का माइक तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने सदन की रूल बुक फाड़ दी। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि उन्होंने रूस बुक नहीं फाड़ी है। सदन की कार्यवाही जारी रखने के लिए मार्शलों को बुलाना पड़ा। 10 मिनट तक सदन की कार्यवाही स्थगित करने के बाद फिर से वोटिंग प्रक्रिया शुरू हुई और हंगामे के बीच ही विधेयकों को सरकार ने ध्वनिमत से पास करा लिया। इससे पहले भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव आसन के पास जाकर उप सभापति के कान में कुछ बात करते देखे गए।

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