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ऑक्सीजन के लिए देश में हाहाकार, महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक अफरातफरी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच पूरे देश में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा है। संक्रमण से ज्यादा प्रभावित होने वाले राज्यों हालात ज्यादा खराब हैं। मध्य प्रदेश के शहडोल में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से शनिवार की रात 12 बजे के बाद 12 मरीजों की मौत हो गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी कमी। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को दिन में बताया कि कई अस्पतालों में अब सिर्फ तीन-चार घंटे का ऑक्सीजन बचा है। महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान और बिहार तक ऑक्सीजन की कमी से अफरातफरी मची है।

मध्यप्रदेश के शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 12 कोविड-19 मरीजों की मौत हो गई। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में दूसरी वजहों से 10 और कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इस तरह अकेले शहडोल में 22 संक्रमित मरीजों की मौत हुई हैं। बताया जा रहा है कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में शनिवार रात 12 बजे ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो गया। इसकी वजह से मरीज तड़पने लगे। एक के बाद एक 12 मरीजों की सुबह छह बजे तक मौत हो गई। सभी आईसीयू में भर्ती थे। इससे पहले 15 अप्रैल को जबलपुर में ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से पांच मरीजों की मौत हो गई थी। इसके अगले दिन 16 अप्रैल को उज्जैन के एक अस्पताल में छह लोगों की ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत हो गई थी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्‌ठी लिख कर कोरोना मरीजों के लिए केंद्र सरकार के अस्पतालों में सात हजार बेड रिजर्व करने और तुरंत ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड तेजी से कम हो रहे हैं। राज्य में कोरोना से लड़ाई के लिए नियुक्त नोडल मंत्री और राज्य के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कई अस्पतालों में तीन से चार घंटे में ही ऑक्सीजन समाप्त हो जाएगा।

इस तरह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित कई बड़े शहरों में हालात खराब हैं। निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के घर वाले खुद ऑक्सीजन सिलेंडर ला रहे हैं। ऑक्सीजन फैक्टरियों के बाहर लंबी कतारें हैं। लखनऊ पीजीआई में पहले रोज 50 सिलेंडर की खपत थी, अब पांच सौ की जरूरत है। आठ अप्रैल को प्रदेश में 34 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे लेकिन अब यह आंकड़ा लाखों में पहुंच गया है। इसकी वजह से ऑक्सीजन की कमी हो रही है।

देश के सर्वाधिक संक्रमित राज्य महाराष्ट्र की सरकार गुजरात और छत्तीसगढ़ से 50-50 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मंगाने की कोशिश कर रही है। राजस्थान के सबसे बड़े कोविड-19 अस्पताल जयपुर के आरयूएचएस में प्लांट लगाया गया है, जिससे वहां की जरूरत पूरी की जा रही है। राज्य सरकार ने इमरजेंसी स्थिति की तैयारी की, जिसकी वजह से बढ़ते केसेज के बावजूद ऑक्सीजन की कमी नहीं हो रही है।

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