पायलट भाजपा में नहीं जाएंगे!

नई दिल्ली/जयपुर। अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत पर उतरे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की नाराजगी अभी तक कायम है। हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने कहा है कि वे पायलट भाजपा में शामिल नहीं होंगे। जयपुर में हुई विधायक दल की बैठक और सरकार के पास पूर्ण बहुमत होने के दावे के बाद पायलट के करीबियों ने चुनौती दी है कि अगर सरकार के पास बहुमत है तो वह साबित करके दिखाए। सोमवार को दिन में इस बात की चर्चा थी कि कांग्रेस आलाकमान से सचिन पायलट की बात हो गई है और पार्टी उनकी शर्तों को मानने को तैयार है। पर बाद में पायलट के हवाले से खबर आई कि राहुल गांधी से उनकी बात नहीं हुई है।

इस बीच खबर है कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से पायलट को मनाने का प्रयास चल रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी उनकी शर्तों को मानने के लिए तैयार है। दूसरी ओर पायलट के करीबियों ने यह कहा है कि वे भाजपा में नहीं जा रहे हैं पर कांग्रेस के जानकार सूत्रों का कहना है कि पायलट की बात अब भी भाजपा से हो रही है। बहरहाल, पायलट के करीबियों ने यह भी दावा किया है कि गहलोत सरकार अल्पमत में है। उन्होंने कहा कि अगर गहलोत के पास बहुमत है तो वो विधानसभा में इसे साबित करें, अपने विधायकों को होटल में क्यों भेज रहे हैं।

सचिन पायलट के करीबी सूत्रों का दावा है कि वे प्रगतिशील कांग्रेस नाम से नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। कांग्रेस के एक तिहाई विधायकों के उनके साथ होने का दावा किया जा रहा है। इस तरह प्रदेश में तीसरे मोर्चा बनने की चर्चा हो रही है। पायलट खेमे का दावा है कि कांग्रेस के 107 में से 18 विधायक मुख्यमंत्री की बैठक में नहीं शामिल हुए। इससे पहले कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी से शामिल होने की अपील की। कहा कि किसी तरह का कोई मनमुटाव है तो पार्टी अध्यक्ष और आलाकमान से बात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट प्रदेश में पार्टी प्रभारी अविनाश पांडे के सामने अपनी बात रख सकते हैं।

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