अटल टनल का हुआ उद्घाटन

शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे लंबी सुरंग शनिवार को देश के समर्पित किया। उन्होंने मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाले नौ किलोमीटर से ज्यादा लंबे अटल टनल का शनिवार को उद्घाटन किया। 10 साल पहले यूपीए के शासन काल के समय इसकी नींव रखी गई थी तब इसका नाम रोहतांग टनल था। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका नाम अटल टनल किया। इसके उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को नजरअंदाज करती रही है।

प्रधानमंत्री ने शनिवार को कहा कि देश ने लंबे समय तक एक ऐसा दौर भी देखा, जब रक्षा हितों के साथ समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा जरूरतों और रक्षा हितों का ध्यान रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बने अटल टनल के उद्घाटन के बाद यहां एक समारोह को संबोधित किय, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर जम कर हमला किया।

मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लंबा अटल टनल दुनिया का सबसे लंबी राजमार्ग टनल है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल शृंखला में औसत समुद्र तल से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर अति आधुनिक खासियतों के साथ बनाई गई है। इस मौके पर मोदी ने कहा- हमेशा से यहां अवसंरचनाओं को बेहतर बनाने की मांग उठती रही, लेकिन लंबे समय तक देश में सीमा से जुड़ी विकास की परियोजनाएं या तो योजना के स्तर से बाहर ही नहीं निकल सकीं। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं निकलीं भी वो या तो अटक गईं या फिर लटक गईं और भटक गईं।

अटल टनल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2002 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस सुरंग के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था, लेकिन उनकी सरकार जाने के बाद इस काम को भी भुला दिया गया। उन्होंने कहा- हालत ये थी कि साल 2013-14 तक सुरंग के लिए सिर्फ 13 सौ मीटर का काम हो पाया था। विशेषज्ञ बताते हैं जिस रफ्तार से उस समय अटल सुरंग का काम हो रहा था, उसी रफ्तार से यदि काम होता तो यह 40 साल में जाकर शायद पूरा हो पाता।

उन्होंने आरोप लगाया कि अटल सुरंग की तरह ही अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ ऐसा ही व्यवहार किया गया। इसके उद्घाटन के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, थल सेना प्रमुख एमएम नरवणे और सीमा सड़क संगठन, बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

 

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