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कौन है ये वारिस पठान?

कर्नाटक में एक सीएए विरोधी रैली में वारिस पठान के भाषण के बाद हंगामा मचा हुआ है। उन्होंने असदउद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में कहा था, हम 15 करोड़ हैं, लेकिन सौ करोड़ पर भारी पड़ेंगे।

यह एकदम भड़काऊ और सांप्रदायिक सद्भावना को झुलसाने वाला बयान है। इसके बाद जगह-जगह वारिस पठान मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं। अल्पसंख्यकों के एक सामाजिक संगठन ने वारिस पठान का सिर कलम करने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम देने का एलान किया है। 21 फरवरी, शुक्रवार को बिहार के मुजफ्फरपुर में पठान के खिलाफ प्रदर्शन किया गया, जुलूस निकाला गया।

पठान की तस्वीर पर जूते मारे गए। कई मुस्लिम संगठनों ने नाराजगी जाहिर की। सोशल मीडिया पर भी लोग वारिस पठान के खिलाफ अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। गौरतलब है कि वारिस पठान राजनीति में नवागंतुक हैं और आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमएईएम) के प्रवक्ता हैं। यह असउद्दीन ओवैसी की पार्टी है, जिसका राजनीतिक मौजूदगी हैदराबाद, महाराष्ट्र और बिहार में है।

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बिहार में कुछ ही महीने पहले उपचुनाव में एआईएमआईएम ने किशनगंज विधानसभा सीट जीती है। वारिस पठान मुंबई के बांद्रा इलाके में रहते हैं। वकील हैं। सलमान खान के लिए वकालत कर चुके हैं और आजाद मैदान दंगों के आरोपियों के वकील भी रह चुके हैं। उनकी उम्र 53 वर्ष है। उनके पिता नारकोटिक्स मामलों के जज थे।

मुंबई में उन्होंने भायखला सीट से 2014 में विधानसभा चुनाव जीता था। उन्हें उस समय टिकट मिला था, जब टिकट के अन्य दावेदार चुनाव लड़ने से अपने कदम पीछे हटा चुके थे। इस क्षेत्र में 2.7 लाख मतदाता हैं। चुनाव में पठान 25 हजार वोटों से जीते थे। वारिस पठान का अपना कोई जनाधार नहीं है।

उनकी राजनीतिक मौजूदगी ओवैसी बंधुओं के दम पर है। इन दिनों वह असदउद्दीन ओवैसी से प्रेरणा ले रहे हैं। ओवैसी को खुश करने के लिए वह आग उगल रहे हैं। उन्हें पता नहीं है कि वह आग से खेलने का काम कर रहे हैं।

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