• डाउनलोड ऐप
Wednesday, April 14, 2021
No menu items!
spot_img

मोदी ने रखी मंदिर की आधारशिला

Must Read

अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखी। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से भले भूमिपूजन और शिलान्यास के मौके पर कम लोग थे इसके बावजूद भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन किया और दुनिया भर से आईं हजारों शिलाओं में नौ ईंटों यानी शिलाओं को पूजन में रखा गया। पूजन के बाद मोदी को संकल्प दिलाया गया। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर मंदिर निर्माण की आधारशिला से जुड़ी एक पट्टिका का अनावरण किया और ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।

प्रधानमंत्री ने पूजा के लिए पारंपरिक धोती-कुर्ता पहना था और अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में हनुमान जी की पूजा-अर्चना की। इसके बाद राम जन्मभूमि क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान राम के मंदिर की सीढ़ियों के सामने साष्टांग दंडवत प्रणाम किया। पूजा के बाद उन्होंने पारिजात का एक पौधा भी लगाया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास सहित बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद थे।  यज्ञ के यजमान की भूमिका विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के बेटे सलिल सिंघल ने निभाई।

नरेंद्र मोदी हनुमान गढ़ी में पूजा करने वाले और रामलला के दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनसे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी अयोध्या पहुंचे थे, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं कर पाए थे। मोदी भी 29 साल बाद अयोध्या आए थे। इससे पहले 1991 में तब के भाजपा अध्यक्ष रहे मुरली मनोहर जोशी तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे और यात्रा में मोदी उनके साथ रहते थे। मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त फैजाबाद-अंबेडकर नगर में एक रैली को संबोधित किया था, लेकिन अयोध्या नहीं आए थे।

बहरहाल, भूमिपूजन की जगह पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और बाकी अतिथि पहले से मौजूद थे। वहां 17 लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था थी। मोदी के पहुंचते ही पूजन शुरू हुआ। वहां दो हजार पवित्र जगहों से लाई गई मिट्टी और एक सौ से ज्यादा नदियों से लाया गया पानी रखा गया था। पूजन सामग्री में बकुल की लकड़ी से बना पात्र था, जिसे शंकु कहते हैं। इस लंबे से पात्र में सोना-चांदी समेत नौ रत्न भरे गए। भूमि पूजन के लिए जमीन में जो गड्ढा किया गया, उसके मूल में इसी बकुल के शंकु को रखा गया। यह पूजन विधि कांचीपुरम पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी महाराज ने बताई थी। इसी के साथ नाग-नागिन का जोड़ा, चांदी की ईंट और पावन जल रखा गया। 32 सेकंड के मुहूर्त में प्रधानमंत्री से पूर्णाहुति करवाई गई। पूजन विधि 40 मिनट चली। प्रधानमंत्री चांदी का बना एक कलश भेंट के रूप में लेकर गए थे, जिसे भूमिपूजन के लिए बने गड्ढे में रखा गया।

सभी पार्टियों ने किया स्वागत

अयोध्या में बुधवार को हुए राम मंदिर के भूमिपूजन और शिलान्यास का सभी पार्टियों ने स्वागत किया। साथ ही यह उम्मीद जताई कि इससे राष्ट्रीय एकता और आपसी तालमेल का रास्ता बनेगा। कई पार्टियों नेताओं ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तारीफ की और उम्मीद जताई कि अब देश तरक्की करेगा और लोग भगवान राम के आदर्शों का पालन करेंगे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी सहित सभी पार्टियों के नेताओं ने इस कार्यक्रम की तारीफ की और देश के लोगों को बधाई दी।

भूमि पूजन के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा- हम आशा करते हैं कि त्याग, कर्तव्य, करुणा, उदारता, एकता, बंधुत्व, सद्भाव, सदाचार के रामबाण मूल्य जीवन पथ का रास्ता बनेंगे।  राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्विट किया- भगवान राम का हमारी संस्कृति और सभ्यता में विशिष्ट स्थान है। उनका जीवन हमें सभी के लिए सच, न्याय, समानता, करुणा और भाईचारे की महत्ता की सीख देता है। हमें भगवान राम के मूल्यों पर आधारित समतामूलक समाज बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विट किया- भगवान राम का आशीर्वाद हम पर बना रहे। उनके आशीर्वाद से हमारे देश को भुखमरी, अशिक्षा और गरीबी से मुक्ति मिले और भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बने। आने वाले समय में भारत दुनिया को दिशा दे। जय श्री राम! जय बजरंग बली!

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी उम्मीद जताई कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियां भी मर्यादा पुरुषोत्तम के दिखाए रास्ते के अनुरूप सच्चे मन से सबकी भलाई और शांति के लिए मर्यादा का पालन करेंगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने ने ट्विट किया- हमारे देश ने विविधता में एकता की दशकों पुरानी परंपरा हमेशा बनाए रखी है और हमें अपनी अंतिम सांस तक इसे बनाए रखना चाहिए।

मानवता की मूल भावना हैं राम: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होने के बाद बुधवार को कहा कि भगवान राम मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं और वह कभी घृणा व अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते। इससे पहले उनकी बहन और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक लंबा चौड़ा संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने राम के अनेक रूपों और उनके मानवीय गुणों की चर्चा की थी।

इसके के दिन बाद बुधवार को राहुल ने ट्विट किया- मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरूप हैं। वे हमारे मन की गहराइयों में बसी मानवता की मूल भावना हैं। राम प्रेम हैं। वह कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते। उन्होंने कहा- राम करुणा हैं। वह कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते। राम न्याय हैं। वह कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

महाराष्ट्र में शुरू हुआ महाकर्फ्यू

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस से सर्वाधिक संक्रमित महाराष्ट्र में बुधवार को रात आठ बजे से लॉकडाउन की...

More Articles Like This