राज्यपाल ने सत्र पर रखी शर्तें

जयपुर। राजस्थान विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से भेजा गया दूसरा प्रस्ताव भी राज्यपाल कलराज मिश्र को मंजूर नहीं है। उन्होंने अब राज्य सरकार से नया प्रस्ताव देने को कहा है। राज्यपाल ने कहा है कि सरकार 21 दिन का नोटिस दे तब वे सत्र बुलाने पर विचार करेंगे। साथ ही वे यह भी जानना चाहते हैं कि सरकार किस तरह से सत्र के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेगी। गौरतलब है कि सरकार ने पिछले नोटिस में सात दिन का समय देते हुए 31 जुलाई से सत्र बुलाने का प्रस्ताव दिया था।

सरकार का दूसरा प्रस्ताव ठुकराने के बाद और देश भर में चल रहे कांग्रेस के प्रदर्शनों के बीच कलराज मिश्र विधानसभा का सत्र बुलाने को राजी तो हुए हैं पर उन्होंने अपनी शर्त रखी है और सरकार से दो सवाल भी पूछे हैं। उनकी शर्त यह कि विधानसभा का सत्र 21 दिन का क्लीयर नोटिस देकर बुलाया जाए। इस हिसाब से 15 अगस्त के करीब सत्र बुलाना संभव हो पाएगा। गौरतलब है कि राज्य के एक सौ से ज्यादा विधायक गहलोत के साथ हैं, जो जयपुर के फेयर माउंट होटल में हैं और 18 विधायक सचिन पायलट के साथ हैं, जो भाजपा के शासन वाले हरियाणा के किसी होटल में हैं।

बहरहाल, राज्यपाल ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या वह विश्वास मत प्रस्ताव लाना चाहती है? उन्होंने कहा है कि अगर किसी भी परिस्थिति में विश्वास मत हासिल करने की कार्यवाही की जाती है तो यह संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की मौजूदगी में हो और वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई जाए। इसका लाइव टेलीकास्ट भी होना चाहिए। राज्यपाल का दूसरा सवाल है- यह भी साफ किया जाए कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाता है तो सोशल डिस्टेंसिंग कैसे रखी जाएगी? क्या कोई ऐसी व्यवस्था है जिसमें दो सौ सदस्य और एक हजार से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों के इकट्ठे होने पर उनमें संक्रमण का खतरा नहीं हो। यदि किसी को संक्रमण हुआ तो उसे फैलने से कैसे रोका जाएगा?

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