बैंकों के 411 करोड़ लेकर कारोबारी फरार

नई दिल्ली। भारत के सरकारी बैंकों से सैकड़ों करोड़ रुपए का कर्ज लेकर उसे चुकाए बगैर फरार हो जाने वाले कारोबारियों की सूची लंबी होती जा रही है। इस सूची में चावल के कारोबार करने वाली कंपनी रामदेव इंटरनेशनल का नाम भी जुड़ गया है। इस कंपनी के प्रमोटर भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले छह बैंकों के गठजोड़ के साथ 411 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के बाद देश से फरार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि ये कारोबारी पिछले चार साल से लापता हैं और स्टेट बैंक ने पता नहीं किस कारण से इनकी शिकायत नहीं की थी।

स्टेट बैंक ने इनका खाते एनपीए होने के चार साल बाद शिकायत की है, जिस पर सीबीआई ने हाल में इनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि एसबीआई की ओर से इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने से पहले ही ये देश से भाग चुके हैं। सीबीआई ने हाल में पश्चिम एशियाई देशों और यूरोपीय देशों को बासमती चावल का निर्यात करने वाली कंपनी और उसके निदेशकों नरेश कुमार, सुरेश कुमार और संगीता के खिलाफ एसबीआई की शिकायत पर मामला दर्ज किया था।

स्टेट बैंक ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उसको 173 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। एसबीआई ने शिकायत में कहा है कि कंपनी की करनाल जिले में तीन चावल मिलें, आठ छंटाई और ग्रेडिंग इकाइयां हैं। कंपनी ने व्यापार के लिए सऊदी अरब और दुबई में कार्यालय भी खोले हुए हैं। एसबीआई के अलावा कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों में केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और कॉरपोरेशन बैंक शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते अभी तक इस मामले में छापेमारी की कार्रवाई नहीं की गई है। जांच एजेंसी इस मामले में आरोपियों को समन की प्रक्रिया शुरू करेगी। अधिकारियों ने कहा कि यदि आरोपी जांच में शामिल नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ उपयुक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसबीआई की शिकायत के अनुसार इस कंपनी का खाता 27 जनवरी, 2016 को एनपीए बन गया था। पर अज्ञात कारणों से एसबीआई ने चार साल तक इसके ऊपर शिकायत दर्ज नहीं कराई।

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