सबरीमाला और राफेल पर आज आएगा फैसला!

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने से पहले गुरुवार को दो और अहम मामलों में फैसला सुनाएंगे।

सबरीमाला और राफेल मामले पर दायर पुनर्विचार याचिका पर चीफ जस्टिस की बेंच गुरुवार को फैसला सुना सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे की जांच कराने की मांग वाली पुनर्विचार याचिकाओं पर मई में ही सुनवाई पूरी कर

फैसला सुरक्षित रख लिया था।

वहीं, सबरीमाला स्थित भगवान अय्यप्पा मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के फैसले के

खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर फरवरी में फैसला सुरक्षित रखा था।

बहरहाल, सबरीमाला मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ सुबह साढ़े दस बजे फैसला सुनाएगी।

इस बेंच में चीफ जस्टिस के साथ जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर,

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा शामिल हैं। इसके अलावा राफेल मामले की जांच के लिए

दायर पुनर्विचार याचिका पर चीफ जस्टिस गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ फैसला सुनाएंगे।

ध्यान रहे 28 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली

पांच सदस्यीय पीठ ने 4-1 के बहुमत से सबकीमाला पर फैसला सुनाया था।

अदालत ने कहा कि सबरीमाला में महिलाओं को गैर धार्मिक कारणों से प्रतिबंधित किया गया है,

जो सदियों से जारी भेदभाव है। पितृसत्ता के नाम पर समानता के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

संविधान पीठ में शामिल एकमात्र महिला जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा का फैसला बाकी चार जजों के विपरीत था।

इसी तरह सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर 2018 के फैसले में कहा था कि राफेल सौदे तय प्रक्रिया के तहत हुआ था।

अदालत ने उस वक्त सौदे को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

हालांकि, इसी साल कुछ गोपनीय दस्तावेज लीक होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा,

अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने सौदे के दस्तावेजों के आधार पर इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर की थीं।

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