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सीमा सील, सड़कों पर सैलाब

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन से घबराए प्रवासी मजदूरों का पलायन रोकने के लिए रविवार को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। सभी राज्यों को आगाह किया कि वे सीमा सील करें और लोगों की आवाजाही रोकें। यहां तक कहा गया कि अगर लोगों की आवाजाही जारी रहे तो संबधित जिलों के कलेक्टर और एसपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटी यूपी की सीमा से लेकर सुदूर केरल के कोट्टायम और महाराष्ट्र तक सड़कों पर लोगों का सैलाब आया हुआ है। रविवार की शाम तक हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर थे और अपने घर लौटने की जद्दोजहद कर रहे थे।

इससे पहले रविवार को दिन में केंद्र ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन से पूरे देश में लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की आवाजाही को रोकने के लिए प्रभावी तरीके से राज्य और जिलों की सीमा सील करने को कहा। साथ ही आगाह किया कि पाबंदी का उल्लंघन करने वालों को 14 दिन के लिए आइसोलेशन सेंटर में भेजा जाएगा। इसके बावजूद लोगों का आना-जाना बंद नहीं हुआ है। दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लोगों से जहां हैं वहीं रहने की अपील की है।

बहरहाल, रविवार को राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के दौरान कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि शहरों में या राजमार्गों पर आवाजाही नहीं हो। गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में प्रवासी कामगारों की आवाजाही हो रही है। इसलिए निर्देश जारी किए गए हैं कि राज्यों और जिलों की सीमा को प्रभावी तरीके से सील किया जाए।

केंद्र की ओर से जारी निर्देश में राज्यों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शहरों में या राजमार्गों पर लोगों की आवाजाही नहीं हो सिर्फ सामान को लाने-ले जाने की अनुमति होनी चाहिए। सरकारी बयान में कहा गया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों और इस अवधि में यात्रा करने वालों को सरकारी आइसोलेशन सेंटर में 14 दिन के लिए भेज दिया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि इन निर्देशों का पालन करवाने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की निजी तौर पर जिम्मेदारी बनती है।

कैबिनेट सचिव और गृह सचिव ने सभी राज्यों के पुलिस और प्रशासन के प्रमुखों से प्रवासी कामगारों सहित जरूरतमंद और गरीब लोगों को खाना और आश्रय मुहैया कराने के लिए समुचित इंतजाम करने को कहा। दोनों अधिकारी राज्य के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। कैबिनेट सचिव और गृह सचिव ने मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ शनिवार शाम के बाद रविवार सुबह भी वीडियो कांफ्रेंस की।

पांच पलायन मजदूरों की मौत

कोरोना वायरस के संक्रमण और पूरे देश में लागू लॉकडाउन से घबरा कर पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हजारों की संख्या में लोग पैदल ही अपने घरों की ओर रवाना हो गए हैं। ऐसे ही एक छोटे से समूह को रविवार की एक सुबह एक गाड़ी ने कुचल दिया। हरियाणा के अलग अलग शहरों से पलायन कर रहे मजदूरों के एक समूह को केएमपी यानी कोंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर एक गाड़ी ने कुचल दिया, जिसमें एक बच्चे सहित पांच लोगों की मौत हो गई। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

इस बीच, हरियाणा सरकार ने कहा है कि प्रवासियों को ले जाने के लिए हरियाणा रोडवेज ने 825 बसों को रवाना किया है। सोनीपत से 110, रेवाड़ी से 80, जींद से 34 बसों सहित उन जिलों से बसें रवाना की गई, जहां प्रवासी मजदूरों की संख्या ज्यादा है। हरियाणा के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वीरेंद्र दहिया ने कहा कि हरियाणा के 12 जिलों से 1009 बसें तैयार की गई थीं। इनमें से 825 बसों को रवाना कर दिया गया। ये बसें यूपी तक गईं। सभी बसों को धोकर, सैनिटाइज करके रवाना किया गया। ये बसें यूपी प्रशासन को सौंप दी गईं। कुछ बसें यूपी के लखनऊ, कानपुर आदि जिलों तक पहुंच भी गईं।

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