शाहीन बाग में वार्ताकार नाकाम

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के विरोध में पिछले 69 दिन से शाहीन बाग में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त वार्ताकारों को तीसरे दिन भी कामयाबी नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दो वकीलों- संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया है। वे बुधवार से रोज शाहीन बाग जा रहे हैं पर प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने और दूसरी जगह धरने पर बैठने के लिए तैयार नहीं कर सके।

इस बीच बताया जा रहा है कि रास्ता खाली करने के मामले में प्रदर्शनकारियों की राय बंटी है। कुछ प्रदर्शनकारी रास्ता खाली करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा मिले तो वे रास्ता खाली कर सकते हैं। पर कुछ प्रदर्शनकारी इसके लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनको पुलिस पर भरोसा नहीं है।

शुक्रवार के तीसरे दिन वार्ताकार थोड़ी देर से पहुंचे। इससे पहले गुरुवार को प्रदर्शनकारियों के बरताव से वे नाराज हो गए थे, जिसके बाद कहा जा रहा था कि वे शायद शुक्रवार को बातचीत के लिए नहीं पहुंचेंगे। पर दोनों वार्ताकार शाम चार बजे शाहीन बाग पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों से एक तरफ की सड़क खोलने को कहा। पर वहां बैठी महिलाओं का कहना था कि दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क नहीं है, जो इसे खाली करना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त वार्ताकार जब प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे तो धरने पर बैठीं महिलाओं ने मध्यस्थों की छोटे से समूह में बातचीत की पेशकश को ठुकरा दिया। एक महिला ने कहा- मध्यस्थों ने हमसे 20 लोगों के समूह में बातचीत की पेशकेश की थी। हमें यह मंजूर नहीं है। हम एक साथ वार्ताकारों से बात करेंगे।

वार्ताकारों ने जब उनसे एक तरफ की सड़क खाली करने को कहा तो महिलाओं ने कहा- जब आसपास की कई सड़कें खुली हैं तो हमें प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह पर जाने के लिए क्यों कहा जा रहा? यह इकलौती सड़क नहीं है जो दिल्ली-नोएडा को जोड़ती है। इस पर वार्ताकार संजय हेगड़े ने कहा- आज शिवरात्रि है। अपनी बात रखना आपका अधिकार है। आप जो कहना चाहती हैं वो कहें। हम मिल कर सभी प्रभावित पक्षों के लिए कोई फैसला लें। वार्ताकारों ने दिल्ली पुलिस को भी धरना स्थल पर बुलाया था।

बहरहाल, दोनों मध्यस्थों ने बुधवार और गुरुवार को भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी लेकिन मामले का हल तक नहीं निकल पाया। वार्ताकारों ने मौके पर मौजूद पुलिस के एसएचओ से प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा देने को कहा, इस पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। इससे पहले शुक्रवार की सुबह कालिंदी कुंज जाने वाले महामाया फ्लाईओवर को खोलने की खबर आई, जिससे शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों में हलचल मच गई। हालांकि बाद में पता चला कि एक गाड़ी खराब होने की वजह से कुछ देर के लिए महामाया फ्लाईओवर को खोला गया था इसके बाद उसे दोबारा बंद कर दिया गया है।

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