किसानों पर लाठियां, पानी बौछार निंदनीय

नई दिल्ली।  कांग्रेस ने किसानों के ‘दिल्ली चलो मार्च’ का समर्थन करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार कृषकों की आवाज सुनने के बजाय उन पर सर्दियों में पानी की बौछार और लाठियां मार रही है जो उसके तानाशाही होने का प्रमाण है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि आखिर ‘दिल्ली दरबार’ के लिए किसान कब से खतरा हो गए? उन्होने आरोप लगाया, ‘भीषण ठंड के बीच अपनी जायज मांगों को लेकर गांधीवादी तरीके से दिल्ली आ रहे किसानों को ज़बरन रोकना और पानी की तेज बौछार मारना मोदी-खट्टर सरकार की तानाशाही का जीवंत प्रमाण है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘आज देश का मजदूर हड़ताल पर है, आज देश के बैंककर्मी हड़ताल पर हैं, आज देश का अन्नदाता किसान हड़ताल पर है, आज देश का बेरोजगार युवा हड़ताल पर है, पर क्या मोदी सरकार को देशवासियों की परवाह है? क्या ये राष्ट्रसेवा है या राष्ट्र हितों का विरोध? देश फैसला करे!’उन्होंने कहा, ‘खेती बिलों के विरोध को लेकर हमारा पूर्ण समर्थन किसानों के साथ है।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसानों पर इस तरह कार्रवाई की निंदा की है। उन्होने कहा कि ‘केंद्र सरकार के तीनों खेती बिल किसान विरोधी हैं। ये बिल वापस लेने के बजाय किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है, उन पर वॉटर कैनन चलाई जा रही है। किसानों पर ये जुर्म बिल्कुल गलत है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है।’किसानों के मार्च पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर एक कविता साझा की है. इसमें उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार की क्रूरता के खिलाफ देश का किसान डटकर खड़ा है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि. किसानों से सब कुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्ज माफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं।’उन्होंने सवाल किया, ‘मोदी जी, दिल्ली दरबार को देश के अन्नदाताओं से ख़तरा कब से हो गया? किसानों को रोकने के लिए उन्हीं के बेटे, यानी सेना के जवान खड़े कर दिए. काश, इतनी चौकसी चीन सीमा पर की होती तो चीन देश की सरजमीं पर घुसपैठ करने का दुस्साहस नही करता. आपकी प्राथमिकताएं सदा गलत ही क्यों होती हैं?’ उन्होंने कहा, ‘किसान के सामने जवानों को खड़ा करके मोदी और खट्टर क्या संदेश देना चाहते हैं? वे देश को ‘सिविल वॉर’ के गड्ढे में धकेलने की साजिश कर रहे हैं और वह भी संविधान दिवस के मौके पर।’

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