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कोरोना के बहाने निजीकरण का ऐलान

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को कोरोना वायरस से राहत के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान किया था और बोल्ड रिफॉर्म्स की बात कही थी। उसके चार दिन बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने निजीकरण के बड़े एजेंडे का ऐलान किया। सरकार ने रक्षा क्षेत्र में निजी निवेश 49 से बढ़ा कर 74 फीसदी कर दिया है और अंतरिक्ष के संवेदनशील क्षेत्र में भी निजी कंपनियों के प्रवेश की अनुमति दे दी है। केंद्र सरकार कोरोना वायरस से राहत के पैकेज में छह और हवाईअड्डों को निजी हाथ में देने का ऐलान किया है।

राहत पैकेज की घोषणा के चौथे दिन शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आठ सेक्टरों में निजीकरण का ऐलान किया है। उन्होंने कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयर स्पेस मैनेजमेंट व हवाईअड्डे, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र शामिल हैं। इनमे से सरकार ने तीन सेक्टर- कोयला, खदान और स्पेस को निजी क्षेत्र के लिए खोले गए हैं। बाकी सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। वित्त मंत्री 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के तहत रविवार सुबह 11 बजे पांचवीं और आखिरी प्रेस कांफ्रेंस करेंगी।

बहरहाल, शनिवार को उन्होंने कहा कि कोयला सेक्टर में अब सरकार कॉमर्शियल माइनिंग की इजाजत देगी। उनका कहना है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी व पारदर्शिता आएगी। कोई भी कोल ब्लॉक के लिए बोली लगा सकेगा और बाद में कोयला खुले बाजार में बेच सकेगा। इससे सरकार का एकाधिकार खत्म होगा। फिलहाल 50 कोल ब्लॉक निजी सेक्टर के लिए खोले जाएंगे। इसके अलावा पांच माइनिंग ब्लॉक्स को नीलामी के जरिए निजी कंपनियों के लिए खोला जाएगा।

सरकार ने रक्षा क्षेत्र में निवेश 49 से बढ़ा कर 74 फीसदी करने का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ हथियारों की सूची बनाई जाएगी, जिन्हें सिर्फ देश में ही खरीदा जाएगा। इनका आयात नहीं किए जाएंगे। इसी के साथ रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में ऑटोमैटिक रूट में प्कत्यक्ष विदेशी निवेश, एफडीआई की सीमा 49 से बढ़ा कर 74 फीसदी कर दी गई जाएगी। यानी रक्षा निर्माण में अगर विदेशी निवेश आ रहा है तो 74 फीसदी निवेश तक के लिए सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।

केंद्र सरकार ने छह और हवाईअड्डों निजी सार्वजनिक भागीदारी, पीपीपी आधार पर नीलामी करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला स्पेस सेक्टर निजी क्षेत्र के लिए खोलने का किया है। जो कंपनियां सेटेलाइट बना सकती हैं या उसकी लांचिंग की काबिलियत रखती हैं या स्पेस से जुड़ी सेवाएं दे सकती हैं, उन्हें मौका मिलेगा।

निजीकरण पर कांग्रेस का विरोध

कोरोना वायरस से राहत के लिए घोषित आर्थिक पैकेज के तहत निजीकरण का एजेंडा बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने तीखी प्रतिक्रिया देते हए कहा- प्रवासी मजदूर अपने घर सुरक्षित नहीं पहुंच पा रहे हैं और वित्त मंत्री निजी क्षेत्र के लिए दूसरे ग्रहों की खोज व बाहरी अंतरिक्ष की सैर का रास्ता खोलने की बात कर रही हैं।

जयराम रमेश ने वित्त मंत्री की शनिवार की प्रेस कांफ्रेंस के तुरंत बाद कई ट्विट किए लिखा- आज की गई घोषणा में साफ है कि इसका सबसे अधिक फायदा एक कंपनी को मिलना है। उन्होंने कहा- बिजली की खपत स्थिर है या फिर घट रही है, लेकिन वित्त मंत्री परमाणु ऊर्जा को निजी क्षेत्र के लिए खोलना चाहती हैं। जयराम रमेश ने कहा- उम्मीद की जानी चाहिए कि कोविड-19 के कारण आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे राज्यों को अगले छह महीने के लिए वे कम से कम कुछ फंड देने के बारे में भी बताएंगी।

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