ओटीटी के कंटेंट पर अदालत को चिंता

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नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स, अमेजॉन या हॉटस्टार जैसे ओवर द टॉप यानी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जा रही फिल्मों और धारावाहिकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील सामग्री दिखाई जा रही है। इसके बाद अदालत ने इनकी निगरानी की जरूरत बताई और केंद्र सरकार से सोशल मीडिया व ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को नियमित करने के लिए बनी नई गाइडलाइन उसे सौंपने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट अमेजॉन की क्रिएटिव हेड अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट पर चिंता जताई। गौरतलब है कि वेब सीरीज तांडव में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान होने और प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा से खिलवाड़ करने के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश के तीन शहरों लखनऊ, नोएडा और शाहजहांपुर में मुकदमा दर्ज हुई थी। लखनऊ में दर्ज एफआईआर में अमेजॉन की क्रिएटिव हेड का भी नाम है।

अपर्णा पुरोहित ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की। सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें गुरुवार को जमानत नहीं मिली। इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फिल्में देखने का पारंपरिक तरीका अब पुराना हो चुका है। लोगों का इंटरनेट पर फिल्में देखना अब कॉमन है। हमारा सवाल है कि क्या इसकी स्क्रीनिंग नहीं होनी चाहिए?

इससे पहले अमेजॉन की क्रिएटिव हेड की तरफ से पेश वकील ने कहा कि अपर्णा पुरोहित अमेजॉन की कर्मचारी हैं। इस मामले में निर्माता और अभिनेता आरोपी हैं। कंपनी आरोपी नहीं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रचार हासिल करने के लिए इस तरह के केस दायर किए जाते हैं। गौरतलब है कि सैफ अली खान, मोहम्मद जीशान अयूब और डिंपल कपाड़िया के अभिनय वाली तांडव वेब सीरीज जनवरी में अमेजॉन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। सीरीज के कई दृश्यों को लेकर आपत्तियां उठी थीं। इनमें हिंदू-देवी देवताओं के अपमान, पुलिस की गलत छवि दिखाने और प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा से खिलवाड़ के आरोप लगे थे।

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साभार - ऐसे भी जानें सत्य

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