यूरोपीय संघ के सांसद पहुंचे श्रीनगर

श्रीनगर। यूरोपीय संघ के अलग अलग देशों के 27 सांसद कश्मीर के दौरे पर मंगलवार को श्रीनगर पहुंचे। उनके दौरे को देखते हुए राज्य में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से बाहर से आने वाले ट्रक चालकों और आम लोगों को निशाना बना रहे आतंकवादी समूह यूरोपीय संघ के सांसदों के दौरे के समय किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ के सांसदों ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने उनको जम्मू कश्मीर के बारे में समझाया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब आतंकवादी यूरोपीय संघ के सांसदों के मंगलवार को होने वाले जम्मू कश्मीर के दौरे के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। हालांकि, सांसदों के इस दौरे को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इन सांसदों के दौरे से पहले घाटी में माहौल खराब करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही बारामूला के सोपोर में ग्रेनेड से हमला करने के बाद आतंकियों ने अनंतनाग में सेब के एक ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी। वहीं, आतंकियों ने सोमवार रात अनंतनाग के बिजबेहरा इलाके में एक ट्रक ड्राइवर को गोली मार कर हत्या कर दी। इससे पहले भी दो हफ्ते के भीतर तीन ट्रक ड्राइवरों को गोली मारी गई है। आतंकवादियों ने कश्मीर के सोपोर में ग्रेनेड हमला कर सात लोगों को घायल कर दिया। इनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।

बीते तीन दिनों में कश्मीर में यह दूसरा ग्रेनेड हमला है। इससे पहले शनिवार को श्रीनगर के कर्णनगर इलाके में सीआरपीएफ के छह जवान आतंकियों के ग्रेनेड हमले में घायल हुए थे। आतंकियों द्वारा की जाने वाली घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए सुरक्षा बल आशंका जता रहे हैं कि आतंकी मंगलवार को कश्मीर में और हमले कर सकते हैं, ताकि यूरोपीय संघ के सांसदों के सामने स्थिति को तनावपूर्व दिखाया जा सके।

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कांग्रेस, पीडीपी ने किया विरोध

यूरोपीय संघ के सांसदों के कश्मीर दौरे का कांग्रेस और पीडीपी सहित कई विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया है। यूरोपीय संघ से जुड़े देशों के 27 सांसदों के मंगलवार को श्रीनगर पहुंचने के बाद इसका विरोध करते हुए विपक्षी पार्टियों ने इसे भारतीय संसद और सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय सांसदों को रोकने और विदेशी नेताओं को वहां जाने की अनुमति देने में कुछ तो गड़बड़ है।

इससे पहले यूरोपीय संघ के सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल से मुलाकात की थी। इनके कश्मीर जाने का विरोध करते हुए राहुल गांधी ने ट्विट किया कि भारतीय सांसदों की कश्मीर यात्रा पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और श्रीनगर से वापस भेज दिया गया। वहीं यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही है। इससे पहले कांग्रेस आनंद शर्मा ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय सांसद कश्मीर जा रहे हैं। उन्हें पूरी जानकारी दी जा रही है। ये भारतीय संसद की संप्रभुता के खिलाफ है और भारतीय सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन है।  शर्मा ने कहा कि भारत के विपक्षी दलों के नेताओं को कश्मीर में सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों से नहीं मिलने दिया गया। यूरोपीय सांसदों को कश्मीर ले जाना, सरकार की नीतियों में विरोधाभास दिखाता है। कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला है।

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्विट किया- जम्मू कश्मीर हमारा, फिर यूरोपियन यूनियन वाले कैसे पधारे? हमारा मामला, हम देखेंगे! पर मोदीजी ने यूरोपियन यूनियन को कश्मीर में पंच क्यों बनाया? दूसरे देशों के सांसदों को कश्मीर जाने की अनुमति है, हमारे सांसदों को क्यों नहीं? यह मोदी सरकार का फर्जी राष्ट्रवाद और संसद का अपमान है। पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती ने ट्विट किया- अगर जम्मू कश्मीर को भारत में शामिल करने के लिए अनुच्छेद 370 हटाया गया है तो राहुल गांधी को कश्मीर आने से क्यों रोका गया? जबकि केंद्र सरकार यूरोपीय संघ के सांसदों को यहां आने की मंजूरी दे रही है। कश्मीर में आपका टिकट तभी संभव है, जब आप फासीवादी हों और मुसलामानों के प्रति नफरत रखते हों।

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