यूरोपीय सांसदों ने किया भारत का समर्थन

श्रीनगर। यूरोपीय संघ के कई देशों के 23 सांसदों ने जम्मू कश्मीर का दो दिन तक दौरा करने के बाद भारत का समर्थन किया है। इन सांसदों ने अनुच्छेद 370 हटाने के भारत सरकार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि आतंकवाद से लड़ने में वे भारत के प्रयासों के साथ हैं। सांसदों ने अपने दौरे के दूसरे दिन बुधवार को कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर को अफगानिस्तान बनने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

गौरतलब है कि घरेलू राजनीति में मचे भारी बवाल के बीच यूरोपीय संघ के कई देशों के सांसद एक गैर सरकारी संगठन की ओर से प्रायोजित यात्रा पर मंगलवार को जम्मू कश्मीर गए थे। उन्होंने अपनी यात्रा के दूसरे दिन बुधवार को कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वे भारत के साथ खड़े हैं। यूरोपीय संसद के 23 सांसदों के शिष्टमंडल ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।उन्होंने आतंकवादियों द्वारा मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या किए जाने की घटना की आलोचना भी की। फ्रांस के हेनरी मेलोसे ने कहा- अनुच्छेद 370 की बात करें, तो यह भारत का आंतरिक मामला है। हमारी चिंता का विषय आतंकवाद है जो दुनिया भर में परेशानी का सबब है और इससे लड़ाई में हमें भारत के साथ खड़ा होना चाहिए। आतंकवादियों ने पांच बेकसूर मजदूरों की हत्या की। यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के पांच प्रवासी मजदूरों की मंगलवार को कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने बुधवार को दम तोड़ दिया। मेलोसे ने कहा कि सांसदों की टीम ने सेना और पुलिस से बात की है। युवा कार्यकर्ताओं से भी उनकी बातचीत हुई और अमन कायम करने के विचारों का आदान प्रदान हुआ।पोलैंड के सांसद रेजार्ड जारनेकी ने कहा- ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने जो दिखाया वह पक्षपातपूर्ण था। हमने जो देखा है, अपने देश लौट कर हम उसकी जानकारी देंगे।  ब्रिटेन के न्यूटन डन ने इसे आंखें खोलने वाला दौरा बताया। सांसदों के दौरे का मकसद अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद बने हालात का जायजा लेना था।फ्रांस के एक अन्य सांसद थियेरी मारियानी ने मीडिया को बताया कि वे पहले भी कई बार भारत आ चुके हैं और यह दौरा भारत के आंतरिक मामले में दखल देने के लिए नहीं है, बल्कि कश्मीर में जमीनी हालात के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी लेने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा- आतंकवादी एक देश को बरबाद कर सकते हैं। मैं अफगानिस्तान और सीरिया जा चुका हूं और आतंकवाद ने वहां जो किया है वह देख चुका हूं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े हैं।

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