पूरी रात चला सियासी घटनाक्रम

मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस की बैठक रात आठ बजे खत्म हो गई। उसके बाद से भाजपा का सियासी खेल शुरू हुआ, जो पूरी रात चलता रहा। मुंबई और दिल्ली दोनों जगह लगभग पूरी रात सियासी घटनाक्रम चला। रात करीब साढ़े आठ बजे देवेंद्र फड़नवीस ने राज्यपाल से संपर्क किया और सरकार बनाने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद उन्होंने अजित पवार से संपर्क किया। माना जा रहा है कि एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार ने पार्टी विधायकों के दस्तखत किए हुए पत्र भाजपा नेताओं को सौंप दिए। ये वहीं पत्र थे, जो शिव सेना के साथ सरकार बनाने के मकसद से लिए गए थे। इसके बाद अजित पवार ने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया।

इस बीच, रात नौ बजे की फ्लाइट से भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव दिल्ली से मुंबई पहुंचे। इसके बाद भाजपा और अजित पवार धड़े के नेता राजभवन पहुंचे। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश किया। फड़नवीस चाहते थे कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी को इसकी भनक भी न लगे, इससे पहले उन्हें शपथ दिला दी जाए। सो, राज्यपाल ने उन्हें शपथ ग्रहण के लिए सुबह में बुलाया।

रात करीब एक बजे एनसीपी विधायक दल के नेता के तौर पर अजित पवार ने विधायकों की बैठक ली। यह स्पष्ट नहीं है कि उसमें कितने विधायक शामिल हुए। रात करीब दो बजे विधायकों के समर्थन की चिट्‌ठी लेकर वे राज्यपाल के पास गए। इसके बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन हटाने का मेल राष्ट्रपति को भेजा। जाहिर है उस समय केंद्र सरकार इस मेल का इंतजार कर रही थी। गौरतलब है कि राष्ट्रपति शासन हटाने की राज्यपाल की सिफारिश पर केंद्रीय कैबिनेट अपनी अनुशंसा राष्ट्रपति को भेजती है।

इस बारे में पूछे जाने पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- बिजनेस कंडक्ट रूल नंबर 12 के मुताबिक प्रधानमंत्री के पास कैबिनेट का अधिकार समाहित होता है। इसके मुताबिक वे फैसला लेने के बाद उसे कैबिनेट के पास रख सकते हैं। इसका मतलब है कि कैबिनेट की बैठक नहीं हुई और प्रधानमंत्री ने फैसला करके अनुशंसा राष्ट्रपति को भेजी। रात दो बजे से तड़के पांच बजे के बीच प्रधानमंत्री की ओर से सहमति का पत्र राष्ट्रपति को मिला और करीब पौने छह बजे राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश जारी कर दिया।

शपथ के समय को लेकर सस्पेंस

भारत में इससे पहले इतने गोपनीय और रहस्यमय तरीके से किसी मुख्यमंत्री की शपथ नहीं हुई होगी, जैसी देवेंद्र फड़नवीस की हुई है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की शपथ कितनी गोपनीय थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि किसी को इसके असली समय की जानकारी नहीं है। शपथ ग्रहण के समय को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है।

एक जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने सुबह 5:15 बजे महाराष्ट्र से राष्ट्रपति शासन हटाया और उसी वक्त राज्यपाल ने देवेंद्र फड़नवीस को मुख्यमंत्री और अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सुबह आठ बजे के आसपास यह खबर जारी की। हालांकि, न्यूज एजेंसी पीटीआई ने शपथ ग्रहण का समय सुबह 7:30 बजे बताया। बताया जा रहा है कि राजभवन से न्यूज एजेंसियों को कहा गया था कि वे शपथ ग्रहण की खबर सुबह आठ बजे के बाद ही जारी करें।

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