अमेरिका से 21 हजार करोड़ का सौदा

नई दिल्ली। दो दिन के भारत दौरे पर आए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत से 21 हजार करोड़ रुपए का रक्षा सौदा करके लौटे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रंप की हुई दोपक्षीय वार्ता में इस सौदे पर दस्तखत किया गया। इस सौदे के तहत भारत अमेरिका से तीन अरब डॉलर का हेलीकॉप्टर और सैन्य उपकरण खरीदेगा। दोनों नेताओं के बीच व्यापार संधि पर भी चर्चा हुई पर उसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। गौरतलब है कि दोनों देश व्यापार संधि पर कई महीनों से चर्चा कर रहे हैं।

बहरहाल, ट्रंप की भारत यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हैदराबाद हाउस में दोपक्षीय वार्ता हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान जारी किया। साझा प्रेस कांफ्रेंस में मोदी ने कहा- दोनों देशों के बीच तीन साल में व्यापार में डबल डिजिट में बढ़ोतरी हुई है। दोपक्षीय व्यापार के संबंध में भी दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई। हम एक बड़ी ट्रेड डील पर भी सहमत हुए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम निकलेंगे।  इस प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने कहा- मोदी के साथ बातचीत में 21.5 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदे को मंजूरी दी गई है। साथ ही हम दोनों देश आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम करेंगे। पाकिस्तान पर इसके लिए दबाव भी बनाएंगे। मोदी ने कहा- इस बात की खुशी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सपरिवार यहां आए। पिछले आठ महीने में उनसे यह पांचवीं मुलाकात है। अमेरिका-भारत के संबंध सिर्फ दो सरकारों के बीच नहीं, पीपुल सेंट्रिक है। यह 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में हैं। संबंधों को इस मुकाम तक लाने में ट्रंप का अमूल्य योगदान है। भारत दौरे में हुए स्वागत पर खुशी जताते हुए ट्रंप ने मंगलवार को कहा- बीते दो दिन शानदार रहे। खास कर कल मोटेरा स्टेडियम में। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। भारतीयों की मेहमाननवाजी याद रहेगी। मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा- मोदी यहां बेहतरीन काम कर रहे हैं। गांधीजी के आश्रम में हमें खास अनुभूति हुई। हम एक बड़ी ट्रेड डील शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम निकलेंगे।

दोपक्षीय वार्ता के बारे में बताते हुए ट्रंप ने कहा- रक्षा, तकनीक, ग्लोबल कनेक्टिविटी, ट्रेड और पीपुल टू पीपुल टाईअप पर दोनों देशों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। पिछले कुछ सालों में हमारी सेनाओं के संयुक्त युद्धाभ्यास में इजाफा हुआ है। आज होमलैंड में हुए समझौते से इसे बल मिलेगा। हमने आज आतंकवाद के खिलाफ प्रयासों को और बढ़ाने का भी फैसला किया है। हमने ड्रग्स और नारकोटिक्स रोकने के लिए भी बात की है।

पाक, कश्मीर, सीएए पर भी हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पाकिस्तान, कश्मीर और संशोधित नागरिकता कानून, सीएए को लेकर भी चर्चा हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि वे कश्मीर पर मध्यस्थता करने से पीछे नहीं हटेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में पाकिस्तान की धरती से चलने वाले आतंकवाद के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा- भारत और पाकिस्तान अपनी समस्या को सुलझाने पर काम कर रहे हैं। दोनों देशों के प्रधानमंत्री के साथ मेरा रिश्ता मजबूत है। कश्मीर पर मध्यस्थता के लिए मैं जो कुछ भी कर सकता हूं मैं करूंगा। पर साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश चाहेंगे तभी।  इस्लामिक आतंकवाद को लेकर ट्रंप ने कहा- मुझे लगता है कि इस्लामिक आतंकवाद को काबू करने के लिए मुझसे ज्यादा कोशिश किसी ने नहीं की। भारत में चल रहे सीएए के मुद्दे पर उन्होंने कहा- मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता। यह भारत का अंदरूनी मसला है। उम्मीद करता हूं कि भारत अपने लोगों के लिए सही फैसला लेगा। मोदी की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी एक बेहतरीन नेता हैं। भारत एक शानदार देश है। ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ रहा है। भारत बड़ी मात्रा में रक्षा उपकरण खरीद रहा है।

पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार आतंकवाद पर सवाल किए जाने पर ट्रंप ने कहा- मैंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ पाकिस्तान के बारे में भी बात की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मेरे अच्छे रिश्ते हैं। वे सीमा पार से आतंकवाद को काबू करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर एक बड़ी समस्या है।

जैसा कि पहले कहा जा रहा था ट्रंप ने मोदी से धार्मिक धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि देश में लोगों के पास धार्मिक आजादी हो। अगर आप देखें, तो भारत इसके लिए गंभीर प्रयास करता रहा है। दिल्ली में जारी हिंसक प्रदर्शनों को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा- मैंने मोदी के साथ इस पर कोई बात नहीं की। यह भारत का अपना मसला है। ‘तालिबान के साथ समझौते पर ट्रंप ने कहा- मैंने इस बारे में प्रधानमंत्री मोदी से बात की है। मुझे लगता है कि भारत भी इससे खुश होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस की तरफ से जासूसी के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि खुफिया एंजेंसियों ने इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी।

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