वैक्सीन मिक्स, सरकार बेपरवाह! - Naya India
ताजा पोस्ट | समाचार मुख्य| नया इंडिया|

वैक्सीन मिक्स, सरकार बेपरवाह!

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल में लापरवाही से लोगों को दो अलग अलग वैक्सीन की डोज लग गई है लेकिन भारत सरकार का कहना है- कोई बात नहीं, यह भी ठीक है। सरकार का यह रवैया हैरान करने वाला है। अभी तक दुनिया भर के देशों में इस बात पर शोध चल रहा है कि अगर किसी ने वैक्सीन की पहली डोज जिस कंपनी की ली है उसकी बजाय दूसरी कंपनी की दूसरी डोज ली जा सकती है या नहीं। लेकिन उससे पहले ही भारत में सरकार ने बिना किसी शोध के कह दिया कि इसमें कोई चिंता की बात नहीं है।

गौरतलब है कि बुधवार को खबर आई थी कि उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में 20 लोगों को पिछले महीने पहली डोज कोवीशील्ड की लगी थी और दूसरी डोज कोवैक्सीन की लगा दी गई है। इसके बाद हड़कंप मचा था और गांवों में लोग दहशत में थे। लेकिन गुरुवार को भारत सरकार ने कहा कि इस पर चिंता करने की जरूरत नहीं है। नीति आयोग के सजस्य डॉ. वीके पॉल ने मंगलवार को कहा कि दोनों डोज अलग-अलग वैक्सीन की दिए जाने पर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

हालांकि अगली ही सांस में डॉ. वीके पॉल ने कहा- वैक्सीनेशन पर हमारा प्रोटोकॉल स्पष्ट है। दोनों डोज एक ही वैक्सीन की दी जाएंगी। अगर अलग-अलग डोज दी गई हैं तो इसकी जांच की जाएगी। लेकिन अगर ऐसा हो भी गया है तो उस व्यक्ति को चिंता करने की जरूरत नही है। उन्होंने कहा- वैक्सीन की मिक्सिंग से कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं होना चाहिए। ये भी कहा जाता है कि अगर बदल कर वैक्सीन लगाओ, तो इम्यूनिटी ज्यादा होती है। हालांकि फिलहाल हम ऐसा नहीं देख रहे हैं। ऐसी कोई रिकमेंडेशन भी कहीं से नहीं आई है।

अब सवाल है कि सरकार ऐसा कुछ नहीं देख रही है और अभी कोई रिकमेंडेशन भी नहीं आई है फिर इस गलती का बचाव करने की क्या जरूरत है? डॉक्टर पॉल ने आगे खुद कहा कि कुछ देशों में इसको लेकर जो हुआ है, वो सिर्फ ट्रायल के तौर पर हुआ है। ट्रायल में देखा जा रहा है कि वैक्सीन को मिक्स करें तो क्या फायदा होता है।

फाइजर वैक्सीन आ सकती है भारत

भारत में इस समय वैक्सीन की बड़ी किल्लत चल रही है, लेकिन अगले एक-दो महीने में यह किल्लत खत्म हो सकती है। भारत में अगले महीने से रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी के डोज लगने लगेंगे और उसके अगले महीने अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन भी आ सकती है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने गुरुवार को कहा कि सरकार फाइजर की वैक्सीन जल्दी से जल्दी भारत लाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एक करोड़ डोज रोज लगाने की व्यवस्था कर रही है।

अमेरिकी कंपनी फाइजर ने भारत सरकार से यह भी कहा है कि उसकी वैक्सीन 12 साल और इससे ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए सुरक्षित और बेहद असरदार है। कंपनी ने दावा किया कि यह वैक्सीन सबसे पहले भारत में मिले कोरोना के स्ट्रेन पर भी काफी हद तक प्रभावी है। कंपनी ने बताया कि वैक्सीन को दो से आठ डिग्री तापमान पर एक महीने तक स्टोर किया जा सकता है। फाइजर जुलाई से अक्टूबर 2021 के बीच भारत को वैक्सीन के पांच करोड़ डोज देने के लिए तैयार है। हालांकि, इसके लिए उसने सरकार से नुकसान होने पर हर्जाना सहित कुछ अन्य छूट मांगी है।

बताया जा रहा है कि फाइजर ने भारतीय अधिकारियों के साथ हाल ही में एक मीटिंग की। इस दौरान कंपनी ने वैक्सीन पर कई देशों और विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्लुएचओ के ट्रायल का डाटा पेश किए और भारत से कहा कि वह डब्लुएचओ के आंकड़ों पर भरोसे रखे। कंपनी ने कहा कि डब्लुएचओ के साथ साथ दुनिया के44 देशों ने उसकी वैक्सीन को मंजूरी दी है और भारत को इस पर भरोसा करना चाहिए।

बताया जा रहा है कि भारत में कोरोना वैक्सीन की मंजूरी में तेजी लाने के लिए कई मुद्दों पर सहमति बन गई है। कंपनी चाहती है कि टीकों की खरीद भारत सरकार करे, किसी तरह के नुकसान की भरपाई करे और वह ये भी चाहती है कि मंजूरी के बाद रिसर्च आदि के काम की भी मंजूरी मिले। जानकार सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने फाइजर की मांग पर विचार करने का भरोसा दिया है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *