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मोदी-शी में हुई लंबी वार्ता

ममल्लापुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने शुक्रवार को छह घंटे से ज्यादा समय एक दूसरे के साथ बिताया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शी को ममल्लापुरम के मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों को गाइड बन कर दिखाया। बाद में दोनों ममल्लापुरम के शोर मंदिर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी के सम्मान में एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया।

इस रात्रिभोज के मौके पर दोनों नेताओं के बीच दूसरे दौर की अनौपचारिक वार्ता हुई। दोनों नेता एक बार फिर शनिवार को बातचीत करेंगे। इससे पहले पिछले साल फरवरी में चीन के वुहान में दोनों नेताओं के बीच पहले दौर की अनौपचारिक वार्ता हुई थी। शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के दिए रात्रिभोज में दोनों देशों के आठ-आठ प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों की टेबल से थोड़ी दूर अलग मोदी और शी एक टेबल पर बैठे और आपस में बातचीत की।

शोर मंदिर के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद उसी परिसर में बंगाल की खाड़ी के सामने रात्रिभोज और अनौपचारिक वार्ता का आयोजन किया गया। रात्रिभोज में पारंपरिक तमिल भोजन की व्यवस्था की गई थी। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनफिंग का स्वागत किया। मोदी यहां चीन के राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पारंपरिक तमिल वेशभूषा में पहुंचे। उन्होंने ममल्लापुरम में जिनफिंग को अर्जुन तपस्या स्थली और तट मंदिर के दर्शन कराए और इन स्थलों का महत्व समझाया।

इसके बाद दोनों ने पंच रथ स्थल पर नारियल पानी पिया और अनौपचारिक बातचीत की शुरुआत की।  सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद मोदी ने जिनफिंग को रात्रिभोज दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच करीब 40 मिनट तक अकेले बातचीत हुई। इससे पहले जिनफिंग के चेन्नई पहुंचने पर मोदी ने अंग्रेजी, तमिल और मेंडेरिन में ट्विट किया। उन्होंने लिखा- भारत में आपका स्वागत है राष्ट्रपति जिनफिंग।

मोदी शुक्रवार को उनसे पहले ही चेन्नई पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात से भारत और चीन के रिश्तों को मजबूती मिलेगी। तमिलनाडु के ममल्लापुरम में शुक्रवार और शनिवार को दोनों नेताओं की मुलाकात का कार्यक्रम है। दोनं नेताओं की सुरक्षा को देखते हुए चेन्नई से ममल्लापुरम तक पांच हजार जवान तैनात किए गए हैं। दोनों नेताओं की इस अनौपचारिक वार्ता का कोई एजेंडा तय नहीं है, लेकिन भारत-प्रशांत क्षेत्र, सीमा विवाद, आतंकवाद, कारोबारी असंतुलन, टेरर फंडिंग के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान कोई समझौता और एमओयू पर दस्तखत नहीं होंगे, लेकिन मोदी-जिनफिंग की ओर से साझा बयान जारी हो सकता है।

चेन्नई पहुंचने पर शी का भव्य स्वागत

चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग शुक्रवार को चेन्नई पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन के संबंधों में आए तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति की यह यात्रा हो रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी, राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित और तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पी धनपाल ने चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया।

वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए करीब 24 घंटे की भारत यात्रा पर आए हैं। राष्ट्रपति शी की अगवानी के लिए एक छोटा सांस्कृतिक समारोह भी आयोजित किया गया। उनके स्वागत के लिए हवाईअड्डे पर बड़ी संख्या में कलाकार रंग-बिरंगे झंडे लेकर कतारों में खड़े थे। वे ढोल बजा रहे थे और परंपरागत संगीत की थाप पर थिरक रहे थे। जिनफिंग के साथ विदेश मंत्री वांग यी और चीन के स्टेट काउंसिलर यांग जियेची आए हैं।

दोनों ही भारत में अपने समकक्षों विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल के साथ अलग-अलग बातचीत कर सकते हैं। दोनों पक्षों के अधिकारियों ने कहा कि मोदी-शी की अनौपचारिक वार्ता में मुख्य रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच द्वोपक्षीय कारोबार और विकास सहयोग को कश्मीर मुद्दे पर मतभेदों तथा सीमा संबंधी जटिल विषय से अलग ले जाने पर ध्यान होगा।

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