गोपाल राय ने छात्र राजनीति से विशेष पहचान बनाई

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के संस्थापक सदस्य एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने भी आज मंत्री पद की शपथ ली। राय मुख्यमंत्री केजरीवाल के साथ ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ के दिनों से ही जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक छात्र नेता के तौर पर की थी। उन्होंने बाबरपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नरेंद्र गौड़ को 33062 मतों से हराया है।

राय ने आजादी के शहीदों की शपथ’ ली, जबकि आमतौर पर ईश्वर के नाम पर शपथ ली जाती है। वह पिछली सरकार में श्रम, रोजगार, विकास और सामान्य प्रशासन विभागों की कमान संभाल रहे थे। गोपाल राय ने अन्ना आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। राय पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के भी सदस्य हैं। पार्टी में वे पूर्वांचली लोगों का एक प्रमुख चेहरा हैं। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में 10 मई 1975 को जन्मे  राय आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं। राय इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति की देन हैं।

राय वर्ष 1993 में विश्वविद्यालय में सक्रिय राजनीति के दौरान वामपंथी संगठन अखिल भारतीय स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) से जुड़ गए। आइसा में प्रदेश महासचिव समेत अन्य कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बाद आगे की पढ़ाई और संगठन को स्थापित करने के उद्देश्य से वह लखनऊ विश्वविद्यालय गए।

यह 1997 की बात है। वहां उन दिनों अपराध और भ्रष्टाचार गंभीर समस्या थी। कुलपति को हटाने से लेकर गंभीर आपराधिक आरोपों वाले 14 छात्रों को विश्वविद्यालय से बाहर करने के लिए राय ने आमरण अनशन शुरू किया। इस आंदोलन में गोपाल राय की जीत हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares