कर्नाटक उपचुनाव : कांग्रेस ने हार स्वीकारी

बेंगलुरू। विपक्षी कांग्रेस को कर्नाटक में एक बार फिर झटका लगा है। पार्टी इस दक्षिणी राज्य में 15 सीटों के उपचुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान में केवल दो सीटों पर ही बढ़त बनाए हुए है।

पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता रवि गौड़ा ने यहां आईएएनएस से कहा, “हम केवल बेंगलुरू मध्य में शिवाजीनगर और मैसुरू जिले के हुनसुर में आगे चल रहे हैं और दर्जनों सीटों पर भाजपा से पीछे चल रहे हैं।”

सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस ने सभी 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जबकि जनता दल(सेकुलर) ने केवल 12 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संकटमोचक डी.के. शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहा, “हमने हार स्वीकार कर ली है, क्योंकि लोगों ने हमारे ज्यादातर दलबलुओं को स्वीकार कर लिया, जो भाजपा में शामिल हो गए और उन्होंने कमल चुनाव चिह्न् पर चुनाव लड़ा है। ये वो सीटें थीं, जहां से उन्होंने इस्तीफे दे दिए थे और फिर वे अयोग्य घोषित कर दिए गए थे।”

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इस वर्ष दूसरी बार है, जब कांग्रेस को राज्य में शर्मनाक हार झेलनी पड़ी है। इससे पहले अप्रैल-मई में हुए संसदीय चुनाव में भी पार्टी ने केवल एक सीट बेंगलुरू ग्रामीण से चुनाव जीता था। पार्टी ने हालांकि जद (एस) के साथ मिलकर 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जद (एस) भी सात सीटों में केवल एक सीट पर ही चुनाव जीत पाया था।

कांग्रेस को जनता ने 2018 विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर कर दिया था, लेकिन उसने चुनाव बाद जद (एस) से गठबंधन कर यहां की कुल 224 विधानसभा सीटों में 105 सीटें जीतने वाली भाजपा को सत्ता से बाहर रखने में कामयाबी पाई थी। कांग्रेस ने 80 सीटें, जबकि जद (एस) ने 36 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

मतगणना के प्रारंभिक दौर में दो सीटों पर आगे चल रहे जद (एस) अब के.आर. पेटे और हुनसुर सीट पर भाजपा और कांग्रेस से पीछे चल रही है। आश्चर्यजनक रूप से, निर्दलीय उम्मीदवार शरत कुमार बछेगौड़ा बेंगलुरू ग्रामीण जिले की प्रतिष्ठित हेसाकोटे सीट पर भाजपा के एम.टी.बी. नागराज से आगे चल रहे हैं।

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