'मंकीगेट' विवाद से लेकर दो वर्ल्ड कप जीतने तक, ऐसा था भज्जी का करियर

हरभजन सिंह ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. उनका 23 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर रहा. अपने करियर में हरभजन ने देश को दो वर्ल्ड कप जिताए हैं. वे टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं.

मंकीगेट विवाद है, जो 2007-08 में भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हुआ था. सायमंड्स बैटिंग कर रहे थे.तभी हरभजन से उनकी नोक-झोंक हो गई थी. बाद में सायमंड्स ने आरोप लगाया था कि भज्जी ने उन्हें मंकी कहा.

मामला सिडनी कोर्ट तक पहुंच गया. इस फैसले के खिलाफ अपील की गई. अपील में यह फैसला सुनाया गया कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो सके कि भज्जी ने रंगभेदी टिप्पणी की थी.

क्रिकेट करियर की शुरुआत 25 मार्च 1998 को की थी. उन्होंने पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु टेस्ट खेला था. जबकि हरभजन ने करियर का आखिरी टेस्ट श्रीलंका के खिलाफ गॉल में 12 अगस्त 2015 को खेला था.

हरभजन ने टीम इंडिया के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2016 में टी-20 खेला था. यह मैच UAE के खिलाफ एशिया कप टी-20 में खेला गया था. इसके बाद से हरभजन टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे.

हरभजन टेस्ट फॉर्मेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं. यह उपलब्धि उन्होंने मार्च 2001 में खेले गए कोलकाता टेस्ट में हासिल की थी. 

भज्जी ने हैट्रिक के साथ ही कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी में 7 बल्लेबाजों को शिकार बनाया था. इसके बदौलत टीम इंडिया ने यह मैच 171 रनों से अपने नाम कर लिया था.

अपने करियर में हरभजन ने देश को दो वर्ल्ड कप जिताए हैं. टर्बनेटर भज्जी ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप भी खेला था. दोनों ही टूर्नामेंट में भारतीय टीम विजेता रही थी.

नई वेब स्टोरी के लिए यहाँ क्लिक करें

Open Hands

Thanks For  Watching