धोनी के संन्यास के बाद से लगभग खत्म हो गया इस स्टार खिलाड़ी का करियर

एक समय ऐसा था जब चाइनामैन बॉलर कुलदीप यादव को टीम इंडिया की सबसे मजबूत कड़ी माना जाता था, लेकिन अब कुलदीप भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर हो गए. 

सही मायने में कुलदीप के करियर की उल्टी गिनती महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के बाद से ही शुरू हो गई थी. T20 वर्ल्ड कप 2021 के लिए कुलदीप यादव को टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया था. 

न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका सीरीज में भी उनकी अनदेखी हुई. जब से महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा है, तब से कुलदीप के तेवर ढीले पड़ गए. कुलदीप की गेंदबाजी की चमक मंद पड़ गई. 

कुलदीप यादव ने टीम इंडिया के लिए 23 टी-20 इंटनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 14.21 की औसत और 7.15 की इकॉनोमी रेट से महज 41 विकेट अपने नाम किया. 

कुलदीप यादव में टैलेंट की कोई कमी नहीं है. वो एक खास तरह की गेंदबाजी करना जानते हैं जिसे 'चाइनामैन बॉलिंग' कहा जाता है. इसमें बाएं हाथ का स्पिनर गेंद को उंगलियों की बजाय कलाई से स्पिन कराता है.

महेंद्र सिंह धोनी जब भारतीय टीम के लिए क्रिकेट खेलते थे, तो कुलदीप यादव को सबसे ज्यादा फायदा होता था, लेकिन धोनी के संन्यास लेते ही कुलदीप यादव का करियर अंधेरे में जा रहा है.

कुलदीप ने बताया था कि कैसे वह मैदान के भीतर और बाहर महेंद्र सिंह धोनी की सलाह को मिस करते हैं. कुलदीप ने बताया था कि विकेट के पीछे के धोनी की सलाह उनके बहुत काम आती थी और उन्हें उसकी कमी खलती है.

कुलदीप ने आगे कहा था, 'मुझे कभी उनकी सलाह की काफी कमी महसूस होती है. उनके पास काफी अनुभव था. वह विकेट के पीछे से हमें गाइड करते थे.'   

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