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अफगानिस्तान में नागरिकों की मौतों की संख्या में वृद्धि

काबुल। अफगानिस्तान में इस साल के पहले छह महीनों में नागरिकों की मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र की सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।
इस रिपोर्ट के अनुसार इस साल की पहली छमाही में कुल 1,662 नागरिकों की मौत हुई है। यह पिछले साल की तुलना में दो प्रतिशत अधिक है।
यूएनएएमए के प्रमुख और अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि तादामिची यामामोटो ने कहा कि अफगानिस्तान में जारी इस क्रूर हिंसक युद्ध में मानव जीवन की हानि, संघर्ष और दुख बहुत अधिक है।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस संघर्ष में चपेट में आने वाले नाबालिग पीड़ितों की संख्या में नौ प्रतिशत वृद्धि हुई है, वहीं महिला पीड़ितों की संख्या में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।संघर्ष में कुल 174 महिलाओं की मौत हुई और अन्य 462 घायल हुईं। इसके अलावा 436 बच्चों की मौत हुई और अन्य 1,141 घायल हुए।यूएनएएमए के अनुसार आबादी वाले क्षेत्रों में मरने वाली महिलाओं और बच्चों की संख्या में हुई वृद्धि के लिए आंशिक रूप से अत्याधुनिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) और हवाई हमलों के उपयोग को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।इस अवधि में आत्मघाती और परिसरों पर हमलों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एक जनवरी से 30 जून के बीच इन हमलों में कुल 3,581 लोग घायल हुए।
आत्मघाती और अन्य हमलों के कारण कुल 259 नागरिकों की मौत हुई, 892 घायल हुए। इसमें 31 मई को काबुल में हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें 92 नागरिकों की मौत हो गई थी।अफगानिस्तान की सरकार ने कहा कि इस हमले में सुरक्षा कर्मियों सहित कुल 150 लोगों की मौत हो गई थी।
हमलों से सबसे अधिक प्रभावति होने वाला क्षेत्र काबुल (19 प्रतिशत) है। इसके बाद हेलमंड, कंधार और नंगरहार प्रांत हैं।रिपोर्ट के अनुसार, 67 प्रतिशत नुकसान ((1,141 मौत, 1,141 घायल) के लिए सरकार विरोधी बल जिम्मेदार हैं। यह पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है।सरकारी बल 327 नागरिकों की मौत और 618 घायलों के लिए जिम्मेदार हैं। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत तक कम है।
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