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क्यूबा में पावर ग्रिड ठप, पूरे देश में छाया अंधेरा

क्यूबा का राष्ट्रीय पावर ग्रिड रविवार देर रात ठप हो गया जिससे पूरे देश में अंधेरा छा गया। कैरेबियाई देश की सरकारी बिजली कंपनी यूनियन इलेक्ट्रिका (यूएनई) ने बताया कि रविवार देर रात क्यूबा का राष्ट्रीय पावर ग्रिड ठप हो गया।

यूएनई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा रात 22:43 बजे (भारतीय समयानुसार सोमवार सुबह 08:13 बजे) नेशनल इलेक्ट्रिक पावर सिस्टम पूरी तरह से बंद हो गया। कुछ घंटों बाद, कंपनी ने बताया कि बिजली बहाली के प्रयास शुरू होने पर गैस आधारित ‘एनर्गास बोका दे जारुको’ संयंत्र की दो इकाइयों को ग्रिड से जोड़ना शुरू कर दिया गया था।

अगस्त में पूरे देश में बिजली जाने की यह पहली घटना है। इससे पहले जुलाई में नौ दिनों के भीतर तीन बार देशव्यापी ब्लैकआउट हुआ था। ग्रिड फेल होने से पहले, हवाना की बिजली कंपनी ने खराब ट्रांसफार्मर, सर्किट की खराबी और अपर्याप्त उत्पादन क्षमता के कारण तय बिजली कटौती की जानकारी दी थी।

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क्यूबा पुराने हो चुके थर्मोइलेक्ट्रिक संयंत्रों, ईंधन की कमी और स्पेयर पार्ट्स न मिलने से उपजे गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। कई बिजली उत्पादन सुविधाएं 30 वर्ष से अधिक पुरानी हैं और उचित रख-रखाव न हो पाने के कारण खस्ताहाल हैं।

क्यूबा सरकार ने ईंधन की किल्लत बढ़ने और बिजली उत्पादन पर पड़े दबाव के लिए अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे प्रतिबंधों और ऊर्जा पाबंदियों को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका ने क्यूबा पर हालांकि दबाव बनाये रखा है, जिसमें क्यूबा को तेल की आपूर्ति करने वाले देशों को निशाना बनाने वाले उपाय भी शामिल हैं।

बिजली की लगातार किल्लत ने आम जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोगों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे परिवहन, खाद्य उत्पादन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

इस संकट को कम करने के प्रयास में प्रधानमंत्री मैनुअल मरेरो क्रूज ने जुलाई में घोषणा की थी कि क्यूबा ने ईंधन के आयात और बिक्री के लिए अपने पहले विदेशी निवेश उद्यम को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने लगभग 200 व्यवसायों को थोक ईंधन वितरण में शामिल होने की अनुमति भी दी है और पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के उपायों सहित सीमित आर्थिक सुधार पेश किये हैं।

Pic Credit : ANI

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