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डार्क एनर्जी : ब्रह्मांड को तेजी से फैलाने वाली रहस्यमयी ऊर्जा

अंतरिक्ष कई रहस्यों से भरा पड़ा है। दुनिया भर के वैज्ञानिक इस रहस्य को सुलझाने में लगे हुए हैं, कई के रहस्य सुलझ चुके हैं तो कई आज तक अनसुलझे हैं। ‘डार्क एनर्जी’ भी एक ऐसे ही रहस्य का नाम है, जिसे वैज्ञानिक ब्रह्मांड को तेजी से फैलाने वाली रहस्यमयी ऊर्जा बताते हैं।  

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अनुसार, डार्क एनर्जी ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य है। यह एक ऐसी अदृश्य शक्ति है जो पूरे ब्रह्मांड को तेजी से फैला रही है। ब्रह्मांड का लगभग 68 से 70 प्रतिशत हिस्सा इसी डार्क एनर्जी से बना है। यह हमें बताती है कि ब्रह्मांड सिर्फ फैल ही नहीं रहा, बल्कि उसकी गति दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

नासा के अनुसार, करीब 13.8 अरब साल पहले बिग बैंग हुआ। ब्रह्मांड एक छोटे, बेहद गर्म और घने बिंदु से शुरू हुआ और तेजी से फैलने लगा। जैसे गुब्बारा फूलता है, वैसे ही ब्रह्मांड बढ़ता गया। ठंडा होने पर एटम, मॉलिक्यूल बने, फिर तारे, गैलेक्सी और ग्रह बने। आज भी ब्रह्मांड फैल रहा है। लंबे समय तक वैज्ञानिकों को लगता था कि ब्रह्मांड में मौजूद मैटर की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से यह फैलाव धीमा पड़ जाएगा। गुरुत्वाकर्षण सब कुछ एक-दूसरे की ओर खींचता है, इसलिए फैलाव रुक सकता था या ब्रह्मांड सिकुड़ भी सकता था।

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हालांकि, 1990 के दशक के अंत में दो अलग-अलग टीमों ने टाइप सुपरनोवा (एक खास तरह के तारे के विस्फोट) का अध्ययन किया। ये सुपरनोवा हमेशा एक जैसी चमक छोड़ते हैं, इसलिए इन्हें दूर की गैलेक्सी की दूरी नापने का “स्टैंडर्ड कैंडल” माना जाता है। सिर्फ हबल टेलीस्कोप के पास ही दूर की गैलेक्सी में इन सुपरनोवा का पता लगाने की क्षमता थी। इसमें पाया गया कि सुपरनोवा जितने होने चाहिए थे, उससे कम धुंधले दिख रहे थे, जिसका मतलब था कि उनकी होस्ट गैलेक्सी उम्मीद से ज्यादा दूर थी और यह तभी समझ में आता है जब यूनिवर्स का फैलाव तेजी से हो रहा हो और इसके पीछे की वजह अभी तक न पता हो। इस तेज फैलाव के लिए जिम्मेदार अज्ञात ताकत को ही डार्क एनर्जी नाम दिया गया।

डार्क एनर्जी कैसे काम करती है? डार्क एनर्जी गुरुत्वाकर्षण के ठीक उलट काम करती है। यह ब्रह्मांड में एक रिपल्सिव फोर्स (धकेलने वाली ताकत) की तरह व्यवहार करती है। बिग बैंग के शुरुआती दौर में गुरुत्वाकर्षण हावी था और फैलाव धीमा हुआ। लेकिन जैसे-जैसे ब्रह्मांड बड़ा हुआ, गैलेक्सी एक-दूसरे से दूर हो गईं और गुरुत्वाकर्षण कमजोर पड़ गया। तब डार्क एनर्जी का प्रभाव बढ़ा और फैलाव तेज हो गया।

ब्रह्मांड में डार्क एनर्जी क्या है – कोई क्षेत्र, कोई स्थिरांक या कुछ और यह अभी अज्ञात है। हबल और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप इस रहस्य को सुलझाने में लगे हैं।

Pic Credit : ANI

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