दिल्ली आज ही बनी थी भारत की राजधानी

नई दिल्ली। आज के दिन का देश की राजधानी दिल्ली के अस्तित्व से एक अलग ही नाता है। दरअसल 1911 में आज ही के दिन कलकत्ता के स्थान पर दिल्ली को देश की राजधानी बनाने का फैसला किया गया था।

ब्रिटेन के राजा रानी उस समय भारत के दौरे पर आए हुए थे और उन्होंने दिल्ली के बाहरी इलाके में आयोजित दिल्ली दरबार में यह ऐलान किया था कि भारत की राजधानी कलकत्ता की बजाय दिल्ली होगी। दिल्ली को राजधानी की खूबसूरत शक्ल देने के लिए ब्रिटेन के आर्किटेक्ट सर हरबर्ट बेकर और सर एडविन लुटियंस को इसके निर्माण का जिम्मा सौंपा गया और तकरीबन दो दशक की मेहनत के बाद दिल्ली अपनी पूरी सजधज के साथ राजधानी बनने के लिए तैयार हुई।

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