अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस से यातायात सुगम

नई दिल्ली। जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस का उपयोग आम हो चुका है लेकिन अब भारत में निर्मित एक अत्याधुनिक जीपीएस डिवाइस ने इस डिवाइस की उन सभी कमियों को दूर कर दिया है, जिनके कारण भारतीय माहौल में लोगों को इसके इस्तेमाल में असुविधा होती थी। भारतीयों की परेशानी के मद्देनजर इंडियन ऑटो कंपनी द्वारा निर्मित यह जीपीएस वेब और मोबाइल यंत्रों पर एग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से वाहनों को ट्रैक कर सकता है और सुरक्षा तथा अनुपालन सुनिश्चित करता है। इसमे खासतौर पर आपातकाल के लिए पैनिक बटन है, जो यात्रियों के लिए सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करता है और संबद्ध अथॉरिटी इस पर समय रहते प्रतिक्रिया देती है।

इसकी उपयोगिता और अनिवार्यता को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा जारी नये गैजेट नोटिफिकेशन के अनुसार सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों और नेशनल परमिट वाले वाहनों में 1 जनवरी, 2019 से आईएएस 140 मानक वाले ट्रैकिंग यंत्र होना अनिवार्य है, अब यह नेशनल परमिट लेने के आवश्यक मापदंडों में से एक होगा।

दिल्ली स्थित डीआईपीपी पंजीकृत स्टार्टअप इंडियन ऑटो कंपनी (आईएसी) द्वारा प्रस्तुत यह डिवाइस ड्राइवर के व्यवहार को भी देखता है। इनमें तेज गति, तीव्र एक्सीलरेशन, ब्रेकिंग, कॉर्नरिंग, नाइट ड्राइविंग और अन्य महत्वपूर्ण मापदंड शामिल हैं। बदले में यह चालन का सही अभ्यास सुनिश्चित करता है, ताकि वाहन टूट-फूट से बचें और ईंधन की बचत हो।

साथ ही साथ यह चालक, यात्रियों और सड़क का उपयोग करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा में सहायक है। इस डिवाइस में वाहन की निगरानी के समाधान वाहन के मालिकों को कई लाभ हैं, जैसे टर्नअराउंड टाइम कम करना, सही मार्ग सुनिश्चित करना, गलत व्यवहार देखना। इससे न सिर्फ वाहन की सुरक्षा बढ़ती है बल्कि चोरी होने पर रियल टाइम में वाहन की ट्रैकिंग कर सकते हैं

इस डिवाइस में पैनिक बटन और अन्य सेंसर्स के लिए अतिरिक्त पोर्ट्स हैं, जिन्हें यूजर की आवश्यकता के अनुसार जोड़ा जा सकता है। इसका उपयोग स्कूल से आते या जाते समय स्कूल बसों में बच्चों के सुरक्षित परिवहन के लिये भी किया जा सकता है। इसके अलावा आईएसी द्वारा 4-व्हीलर, 2-व्हीलर, इलेक्ट्रिक वाहनों, संपत्तियों और पर्सनल ट्रैकिंग के लिये अन्य ट्रैकिंग के लिए भी विभिन्न समाधान उपलब्ध हैं ।

इस मानक पर क्रियान्वयन के बाद, गैजेट नोटिफिकेशन में आने वाले सभी वाहनों को एआईएस 140 अनुपालक बनना होगा और आईएसी 140 यानि एआईएस 140 अनुपालक यंत्र, जैसे वीएलटी (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग)/ वीटीएस (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) डिवाइस लगाने होंगे। मौजूदा कॉमर्शियल वाहनों के मालिक आफ्टरमार्केट सॉल्यूशन लेकर अपने वाहनों को कॉम्प्लाएंट बना सकते हैं।

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