देश का विदेशी मुद्रा भंडार 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 12.422 अरब डॉलर बढ़कर 729.328 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा भंडार का पिछला रिकॉर्ड स्तर 728.494 अरब डॉलर था जो 27 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था। विदेशी मुद्रा का भंडार लगातार आठवें सप्ताह बढ़ा है। इस दौरान इसमें 62.39 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।
रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 9.482 अरब डॉलर बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 591.333 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसमें अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, जापानी येन और ब्रितानी पाउंड भी शामिल हैं। इनके मूल्य का निर्धारण डॉलर के मुकाबले इनके संदर्भ के आधार पर किया जाता है।
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आलोच्य सप्ताह में देश का स्वर्ण भंडार 2.801 अरब डॉलर बढ़कर 114.218 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह 05 जून 2026 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.925 अरब डॉलर पर और विशेष आहरण अधिकार 11.2 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 18.852 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा भंडार की वृद्धि में रिजर्व बैंक की 08 जून को घोषित स्वैप फैसिलिटी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, इस विशिष्ट अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपया स्वैप फैसिलिटी के तहत एफसीएनआर(बी) जमा, विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) और सीमा पार विदेशी मुद्रा उधारी (ओएफसीबी) के जरिये 21 अगस्त तक 72.85 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा भारत आयी है।
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