रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स देश के बाहर भी बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बना रहा है जिसमें अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देश भी शामिल हैं।
जियो के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने यहां शनिवार को कंपनी के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले ब्रोकरों के साथ संवाद के दौरान बताया कि जियो भारत से बाहर विस्तार के लिए 11-12 रणनीतिक साझेदारों के साथ बातचीत कर रही है। इससे उसे 150 करोड़ नए ग्राहक मिलने की उम्मीद है।
Also Read : माहेला जयवर्धने ने छोड़ा मुंबई इंडियंस के हेड कोच का पद
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 के अंत में देश में कंपनी के सबस्क्राइबरों की संख्या 53.80 करोड़ थी। श्री अंबानी ने कहा कि जियो ने एक यूनीक प्रौद्योगिकी विकसित की है जिसमें विस्तार की गुंजाइश है। आम तौर पर प्रौद्योगिकी विकसित करना और उसका विस्तार करना दो अलग-अलग कौशल हैं। जियो ने भारत में जो एकीकृत स्टैक तैयार किया है उसका विस्तार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और जर्मनी जैसे विकसित देशों में फाइबर संचार के रोलआउट की गति धीमी रही है। इन देशों में जियो संभावनाएं देख रही है। इसके अलावा, पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में भी विस्तार की संभावना है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को कारोबार की समाप्ति के साथ बंद होगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए मूल्य का दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।
Pic Credit : UNI
