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बांग्लादेश की सामरिक दिशा

पाकिस्तान की मुख्य भूमिका वाले समझौतों से जुड़ने की इच्छा और चीनी हथियार प्रणालियों को खरीदने का फैसला बांग्लादेश की नई सामरिक दिशा के ठोस संकेत हैं। भारत को इससे उचित संदेश ग्रहण करना चाहिए।

बांग्लादेश ने पुष्टि कर दी है कि वह चीन में बने 4.5वीं पीढ़ी के जे-10सीई लड़ाकू विमान खरीदने जा रहा है। इसके अलावा वह चीनी लड़ाकू हेलीकॉप्टर, वीआईपी ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर, और ड्रोन्स की खरीदारी भी करेगा। इसका अर्थ है कि अब बांग्लादेश चीन अस्त्र प्रणाली का हिस्सा बनने जा रहा है। इस फैसले का औचित्य बताते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार जियाउर रहमान ने जो कहा, उस पर भारत को अवश्य ध्यान देना चाहिए। रहमान ने कहा कि पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान की लड़ाई के दौरान खबर मिली कि पाकिस्तान ने जे-10सीई के जरिए भारत के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराया। उसे ध्यान में रखते हुए ही बांग्लादेश ने उन विमानों को खरीदने का फैसला किया है।

कुछ ही रोज पहले बांग्लादेश ने मक्का सुरक्षा समझौते में शामिल होने की इच्छा जताई। हालांकि इस समझौते में शामिल देशों से बांग्लादेश को कोई न्योता नहीं मिला है, मगर संसद में विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा कि अगर आमंत्रण मिलता है, तो उस पर बांग्लादेश सकारात्मक नजरिए से विचार करेगा। मक्का समझौता पाकिस्तान, सऊदी अरब, और तुर्किये के बीच हुआ है। ईरान युद्ध से पश्चिम एशिया में बदली सामरिक स्थितियों के बीच उस क्षेत्र में नई उभरती सुरक्षा व्यवस्था में पाकिस्तान की भूमिका ठोस ढंग से बढ़ रही है।

बीते हफ्ते कुवैत ने भी अपनी सेना को प्रशिक्षित करने, खुफिया जानकारी साझा करने, तथा रक्षा तकनीक और सीमा प्रबंधन में सहयोग के लिए पाकिस्तान से नया सैन्य समझौता किया। पाकिस्तान से अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं को जोड़ने के खाड़ी देशों की ताजा सोच के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। एक तो पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं, और दूसरा उसकी तीन चौथाई हथियार प्रणालियां का चीनी सिस्टम से जुड़ी हुई हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश के पाकिस्तान से आम संबंध गहरे हुए हैं। इसी बीच पाकिस्तान की मुख्य भूमिका वाले समझौतों से जुड़ने की इच्छा और चीनी हथियार प्रणालियों को खरीदने का फैसला उसकी सामरिक दिशा के ठोस संकेत हैं। भारत को इससे उचित संदेश ग्रहण करना चाहिए।

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