बांग्लादेश हो या नेपालः सामने वही सवाल
बांग्लादेश में विद्रोह का जो परिणाम हुआ है, उससे अलग सूरत नेपाल में नहीं होगी, जहां अगले पांच मार्च को आम चुनाव होना है। क्या बिना ऐसी संगठित पार्टी की मौजूदगी के- जिसके पास स्पष्ट विचारधारा और सुपरिभाषित संगठन हो- कोई ऐसा परिवर्तन हो सकता है, जिससे मूलभूत ढांचा बदले और आम जन के जीवन स्तर में सुधार का मार्ग प्रशस्त हो? बांग्लादेश में अगस्त 2024 जन व्रिदोह हुआ। अगुआई छात्रों ने की, जिनके पीछे आवाम का बहुत बड़ा हिस्सा लामबंद हुआ। उन सबकी शिकायत थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद तानाशाह बन गई हैं, उन्होंने लगातार तीन आम...