दुनिया का तीसरे महायुद्ध की दिशा में बढ़ना शुरू!

राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने अपने को जिस अंदाज में, जिन तौर-तरीकों से माओत्से तुंग, देंग शियाओ पिंग से भी बड़ा सुपर इतिहास नेता बनाया है वह विश्व संग्राम का लांच है।

हिंदू का नमक और नमकहलाल जीवन!

समय के किसी भी खांचे में सोचें। वक्त राजा-बादशाह का हो या अंग्रेज और लोकतंत्र का या फिर प्राचीन, मध्यकाल और आधुनिकता के कालखंड।

हिंदी की गोबरपट्टी में मल्लिकार्जुन खड़गे ही नहीं दक्षिण भी बेमतलब!

मल्लिकार्जुन खड़गे नाम का कांग्रेस चेहरा भाजपा के लिए सुकून वाला है। इसलिए क्योंकि उत्तर भारत और उसकी कथित गंगा-जमुनी संस्कृति के हिंदीभाषी लोगों में दक्षिण के चेहरे का होना व न होना बराबर है।

गहलोत-पायलट झमेले के बाद कांग्रेस संकट में,  पार्टी चन्नी कांग्रेस बनने की और!

सोनिया गांधी महाबलंडर करने वाली हैं। उन्हीं के हाथों से राष्ट्रीय कांग्रेस पंजाब जैसी दुर्दशा वाली चन्नी कांग्रेस बनने वाली है।

बेचारे, ‘राष्ट्रपिता’ मोहन भागवत!

मुझे खबर सुन हंसी आई। दुख हुआ और पुरानी यादें ताजा हुई! हंसी इसलिए कि मुसलमान के मुंह से मोहन भागवत को राष्ट्रपिता और राजऋषि जैसे जुमले मिले।

अंतिम महारानी की विदाई!

अंतिम महारानी इसलिए क्योंकि एलिजबेथ द्वितीय जैसा राजशाही ब्रांड भविष्य में संभव नहीं है। न ब्रिटेन के राजघराने में और न दुनिया के किसी कोने में।

ब्रिटेन एक कहानी है!

ब्रिटेन क्या है? लोकतंत्र है या राजतंत्र? सेकुलर है या ईसाई देश? गोरों का घर या सभी नस्लों का घरौंदा? वह महाशक्ति या क्षेत्रीय शक्ति? शोषक देश या सभ्य देश?

वक्त की चाल, तब देवर्षि गोर्बाचेव थे अब महादशा के पुतिन, बोरिस, शी व नरेंद्र मोदी!

वक्त आगे बढ़ता है मगर इंसान ठहरा रहता है। वह अपनी जड़ता, बुद्धिहीनता, नासमझी और इलहाम में अटकता है। यह सत्य आज दुनिया के सामने है।

उफ! मोदी राज बना दे रहा नमकहरामों, देशद्रोहियों, भ्रष्ट, निकम्मों, सत्तालोलुप और भयाकुलों का भारत देश!

नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सुध नहीं है। यदि होती तो इनके दिमाग में इतना तो कौंधता कि वे भारत को क्या बना दे रहे हैं?

मोदी की सीबीआई, ईडी व गोरों और मुगलों का राज, उनके कोतवाल!

नरेंद्र मोदी के राज का नंबर एक पाप क्या है? अपना मानना है भारतीयों पर वैसे ही राज करना, जैसे अंग्रेजों ने किया था। फूट डालो राज करो।

वाह! वे सपने और आज का मुकाम

आज पंद्रह अगस्त है। ठीक 75 वर्ष पहले आधी रात में पंडित नेहरू ने नियति से वादे के हवाले देश-दुनिया को संबोधित किया था। उसका क्या सत्व-तत्व था?

सवाल भारत की माली दशा का!

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है तो सोचने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा जताया है कि भारत की स्थिति श्रीलंका या पाकिस्तान जैसी नहीं होने जा रही है।

हिंदू राजनीति के साये में ऋषि सुनक?

ब्रिटेन आने, मां द्वारा छोटी-मोटी नौकरियों से ऋषि सुनक के लालन-पोषण की दारूण कथा से नहीं, बल्कि वजह उनकी बुद्धि और काबलियत है।

चर्चिल के ब्रिटेन में ऋषि सुनक का क्या काम?

जो चर्चिल हिंदुओं को सत्ता के भूखे, ढोंगी, मूर्ख मानते थे उनके गोरे वारिस यदि ऋषि सुनक को लायक मान रहे हैं तो मेरे जैसे सनातनी हिंदुओं के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है?

सोनियाजी, माफ करें!

जब भाजपा के प्रवक्ता गला फाड़ चिल्ला रहे थे कि कांग्रेस शोर क्यों मचा रही है? जब देश के टीवी चैनल लाइव शो से उन हिंदुओं को यह सैडिस्टिक सुख दे रहे थे कि देखो सोनिया गांधी को औकात बता दी।

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