सुमेर से शुरू मकड़जाल!

सुमेर की पहली सभ्यता में मनुष्य का सभ्यता नाम की आर्टिफिशियल जिंदगी में बंधना शुरू हुआ। तब बना मकड़जाल वर्तमान के सभी 195 देशों की सच्चाई है।

सभ्यता, ओझाई अतिशयता!

धारणा सही नहीं है कि बस्ती बसना और खेती साथ-साथ घटित घटनाएं हैं। यह भी फालतू बात है कि इन दोनों से फिर सभ्यता निर्माण आरंभ हुआ।

सभ्यता है छलावा!

सभ्यता से पहले इंसान सचमुच सहज-सरल स्वभाव का प्राणी था। जबकि सभ्यता के बाद?

खत्म राजनीति, अराजक अग्निपथ!

भारत राजनीति की बजाय अब अग्निपथ पर है। तभी बिहार में भाजपा कार्यालयों, नेताओं के घरों पर हमलों की घटनाओं की अनदेखी है। सोचे ऐसी घटनाएं पहले कब हुई? 

अग्निपथ में भारत!

भभकता भारत। धधकता भारत! गर्माता भारत। झुलसता भारत। गर्मियां निकालता भारत। गर्मियां बुझाता भारत। माचिसें बांटता भारत। तिलियां जलाता भारत। अग्निपथ बनाता भारत।

माचिस में अभी बहुत तिलियां!

भारत की हिंदू सत्ता की माचिस में तिलियां बहुत बाकी हैं। एक के बाद एक अग्निपथ बनने हैं। चिंता का ताजा मामला सेना का है।

मनमानियों से बनता ‘अग्निपथ’

बुनियादी रूप से इस योजना का नाम ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ है, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के समय दुनिया के कई देशों में आजमाया गया था।

बुलडोजर का इंजन चलता रहेगा

उत्तर प्रदेश सरकार बुलडोजर का चुनिंदा इस्तेमाल कर रही है। उत्तर प्रदेश की देखा-देखी राजधानी दिल्ली में भी बुलडोजर से न्याय किया गया और मध्य प्रदेश में भी इसका प्रयास हुआ है।

पक्ष-विपक्ष की लड़ाई भी ठंडी नहीं होगी

कांग्रेस इस बात को समझ रही है। इसलिए तय मानें कि कांग्रेस और केंद्र सरकार व भारतीय जनता पार्टी का टकराव भी स्थायी हो गया है।

भय, अहंकार और त्रिभुज

मनुष्य अपने को दोषी कैसे समझे? उसकी बुद्धि का तो समाज, धर्म व राजनीति के त्रिभुज से हरण है। हर मनुष्य त्रिभुज की ओपन जेल का बेसुध प्राणी है।

पिंजरा, खुली जेल, कैदी मनुष्य!

यक्ष प्रश्न है मनुष्य ने अपने को क्या बनाया? मनुष्य बुद्धि ने कमाल किया, उससे मानव विकास हुआ लेकिन खुद बुद्धि का क्या बना? वह पराधीन हुई!

धर्मः झगड़ों की विरासत

धर्म वह चुंबक है जो लोगों को खींचे रहता है। उन्हें बांधता है। धर्म व्यक्ति और देश के दिमाग में अनुभूतियों से परे जीवन का ख्याल बनवाता है।

पत्थर, लाठी, पॉवर!

पत्थर मतलब मनुष्य का पहला औजार! पहला मनुष्य हथियार। वह पत्थर अब पॉवर है! पाषाण युग में मनुष्य ने पत्थर से जंगल में विजय पाई थी।

तलवारों को मिल रही है धार!

मैं जो भारत भविष्य बताता आ रहा हूं उस तरफ कुछ और कदम! मतलब वक्त और घटनाओं की एक के बाद एक अनहोनी।

भारत बदल गया!

नरेंद्र मोदी, भाजपा सरकार और संघ परिवार सचमुच कामयाब है। भारत का जन-जन नई दिमागी अवस्था में है। धर्म ने दिमाग में बाकी सभी चीजों की सफाई कर दी है।

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