फरिश्तों की तरह मासूम लोगों के लिए

कितने लोग हैं, जो राजनीतिक इतिहास में जवाहरलाल नेहरू, वल्लभ भाई पटेल, इंदिरा गांधी या अटल बिहारी वाजपेयी की तरह, कालजयी-सी, ज़रा दीर्घकालीन पहचान बना पाते हैं?

संघ की ‘पहली प्रयोगशाला’ पर गांधी परिवार की नजर..!

संघ की पहली प्रयोगशाला माने जाने वाले मध्य प्रदेश पर क्या गांधी परिवार की नजर टिक गई है..

गुलाम नबी ‘डेमोक्रेटिक’ बनेंगे या ‘प्रोग्रेसिव’?

कुछ ऐसे ही छोटे पेड़-पौधों की तरह किसी समय देश की राजनीति में बेहद ऊंचाई पर पहुंचने वाले गुलाम नबी आज़ाद अपने आप को फिर से राजनीति के केंद्र में स्थापित करने के लिए छटपटा रहे हैं।

सनातन वैदिक धर्म के अधोपतन की वजह

आपस की फूट से कौरव-पाण्डव और यादवों का सत्यानाश तो उसी समय हो गया, परन्तु भारत में अब तक भी आपसी फूट का वही रोग पीछे लगा हुआ है।

यात्रा से दिग्विजय और जयराम का कद भी बढ़ा

यात्रा का वास्तविक लाभ तभी होगा जब संगठन मजबूत हो। पार्टी में ऐसे लोगों को काम करने का मौका मिले जो अपने लिए नहीं कांग्रेस के लिए काम करते हों।

अब काँग्रेस की जगह ‘आप’ ने ले ली…?

कुदरत का यह नियम अब भारतीय राजनीति में लागू हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि ‘जो जन्मदाता होता है, वहीं मानव जीवन का अंतिम सत्य होता है।’

एमपी में राहुल आएंगे 23 को, विवाद अभी से शुरू…

लगता है कुंडली में कुछ ग्रहों का कमाल है कि कांग्रेस के राहुल गांधी का विवादों से नाता टूटता ही नहीं। जब से भारत जोड़ो यात्रा पर राहुल बाबा निकले हर राज्य में छोटे बड़े कुछ ना कुछ लफड़े हो ही रहे हैं।

भारत जोड़ो यात्रा :चुनावी चुनौतियां और भारतीय समाज

भारत जोड़ो यात्रा की शानदार सफलता के चलते भारतीय समाज और राजनीति से जुड़े कई मसले उभरकर सामने आए हैं।

संघर्ष-शहादत कांग्रेस की और वाहवाही गोडसे और सावरकर की

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या से शुरू हुई राजनीतिक हिंसा, देश को झकझोर तो गयी, परंतु हिंदुत्ववादी शक्तियों के लिए हत्यारे नाथुराम गोडसे को भी इतिहास में नाम दे दिया।

माइग्रेन, महिलाओं का ज्यादा सिरदर्द!

पुरूषों को माइग्रेन होता है, लेकिन महिलाओं की तुलना में तीन गुना कम यानी 15 में से केवल एक पुरूष को। अब सवाल ये कि माइग्रेन, आम सिरदर्द से अलग कैसे?

सत्ता यात्रा के लिए ‘यात्रा’ पर ‘यात्रा’

भारतीय राजनीति में यात्राओं का अपना एक महत्व है अब जबकि 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है तब भाजपा और कांग्रेस की ओर से यात्राएं निकाली जा रही हैं।

यह कैसा पंजाब में ‘बंदूकवाद’?

 क्या पंजाब में ‘बंदूकवाद’ और हिंसा को बढ़ावा देने पर पाबंदी लगाने जैसा निर्णय पहली बार लिया गया है?— नहीं। जुलाई 2019 में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने इस सदंर्भ में कार्रवाई करने हेतु कड़ी टिप्पणी

‘जी-20’ पर नरेंद्र भाई की फ़तह के क़सीदे

इंडोनेशिया के भारतवंशियों के सामने, नरेंद्र मोदी ने 2014 के पहले के भारत और 2014 के बाद के भारत में ‘बहुत बड़े फ़र्क़’ के बारे में भी ज्ञान-दान किया। कहा कि अब भारत छोटा सोचता ही नहीं है

समान नागरिक संहिता: हिन्दू-हित या चुनावी प्रपंच?

उचित होगा कि संविधान के अनु. 30  के दायरे में देश के सभी समुदाय और हिस्से सम्मिलित किये जाएं।’’  वह मात्र एक पृष्ठ का, किन्तु अत्यंत मूल्यवान विधेयक था।

सभ्यता- संस्कृति को नष्ट करने की साजिश

मात्र नाड़ी की चाल से किसी भी रोग व शरीर की दशा को बगैर किसी एक्सरे या स्कैन के बिना समय गँवाए जानने की उन्नत विधि दी।

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