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Wednesday, April 14, 2021
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गेस्ट कॉलम

खुरदुरे यथार्थ की समझ वाले थे बाबा साहेब

डॉ भीमराव आंबेडकर अपने अधिकांश समकालीन राजनीतिज्ञों की तुलना में राजनीति के खुरदुरे यथार्थ की ठोस एवं बेहतर  समझ रखते थे। नारों एवं तक़रीरों की हकीक़त वे बख़ूबी समझते थे। जाति-भेद व छुआछूत के अपमानजनक दंश को उन्होंने केवल...

आखिर कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष?

कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा किस विषय हो रही है? पांच राज्यों के चुनाव नतीजों पर? नहीं! सबसे गर्म मुद्दा है इन चुनावों के बाद होने वाले पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव...

जम्मू-कश्मीर में आबोहवा बदल रही

क्या जम्मू-कश्मीर अपनी मूल सांस्कृतिक विरासत की पुनर्स्थापना की ओर अग्रसर है? इसका उत्तर जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा लिए एक निर्णय में मिल जाता है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक परिषद ने एक अप्रैल को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम...

नकचढ़े विपक्ष की भुरभुरी मूरत

पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव नतीजे अगर भारतीय जनता पार्टी के लिए खराब रहे भी, जो कि, अन्य सभी स्थितियां सामान्य रहने की दशा में, रहेंगे ही; तो भी हो क्या जाएगा? कांग्रेसियों के मनोबल में चंद रोज़...

कश्मीर में चुनाव और सही फैसले का वक्त

विधानसभा चुनावों के बाद की राजनीति में जम्मू-कश्मीर पर बार-बार ध्यान जाता है। क्या वहां भी ऐसे ही चुनाव होंगे, जैसे बंगाल में हो रहे हैं? साम दाम दंड भेद सबका उपयोग करते हुए! लगता तो नहीं है केन्द्र...

अमानुल्ला खान, जरा कुरान में झाँकें!

आम आदमी पार्टी के नेता अमानुल्ला खान ने 3 अप्रैल 2021 को एक ट्वीट किया। उन के शब्द हैं, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफरती कीड़े की जुबान और गर्दन दोनो काट कर...

‘न्यू वेल्फेयरिज्म’ से मुक्ति बिना ना नई राजनीति, ना देश कल्याण

लेखक: सत्येंद्र रंजनपांचवें राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (एनएफएचएस- 5) के आंकड़े पिछले दिसंबर में जारी हुए, तो उनसे एक बेहद चिंताजनक तथ्य सामने आया। 2015 से 2019 के बीच दशकों में ऐसा पहली बार ऐसा हुआ कि देश में...

प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा को न जोड़े चुनाव से

प्रायः दो पड़ोसी देशों के बीच तनातनी, रिश्तों में उतार-चढ़ाव, आपसी हितों में टकराव आदि देखने को मिलता रहता है। परंतु तमाम राजनैतिक सीमाओं और मज़हबी दुराग्रहों के मध्य भी यदि दो देशों के नागरिकों की विरासत, दुःख-सुख-संघर्ष से...

दलित और मुस्लिम में गठजोड़ कैसे स्वाभाविक?

दिल्ली में सराय काले खां घटनाक्रम से स्वयंभू सेकुलरवादी, वामपंथी-जिहादी और उदारवादी-प्रगतिशील कुनबा अवाक है। इसके तीन कारण है। पहला- पूरा मामला देश के किसी पिछड़े क्षेत्र में ना होकर राजधानी दिल्ली के दलित-बसती से संबंधित है। दूसरा- इस...

विपक्ष की पूजन विधि का मुख्य पुरोहित

जब राहुल गांधी सात-आठ साल से चिल्ला रहे थे कि भारत की सियासत ने दो विचारधाराओं के संघर्ष के सबसे भीषण दौर में प्रवेश कर लिया है, तब दूसरे-तो-दूसरे, कांग्रेस की स्वयंभू विद्वत-परिषद के लोग भी उनकी बातों को...

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बड़ा खुलासा! पाकिस्तान के उकसाने पर भारत सरकार बड़ी सैन्य कार्रवाई को तैयार

वाशिंगटन। भारत-पाकिस्तान के रिश्तों (India Pakistan Relationship) पर जमीं बर्फ हाल ही के दिनों में जैसे ही पिघलती नजर...